अलीगढ : PIMS इंस्टिट्यूट और हॉस्पिटल के खिलाफ एसीएम को जियाउर्रहमान ने दिए साक्ष्य, कार्यवाही की मांग

अलीगढ़ । हेल्थ एजुकेशन एनवायरनमेंट एन्ड रोड एंटी करप्शन एसोसिएशन के अध्यक्ष जियाउर्रहमान एडवोकेट ने प्रीमियर इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड डॉ वकार हार्ट सेंटर के अवैध होने के साक्ष्य एसीएम द्वितीय के समक्ष पेश किये हैं । एसीएम द्वितीय ने जियाउर्रहमान को नोटिस भेजकर 19 अगस्त को साक्ष्य देने के लिए बुलाया था । सोमवार को नियत तिथि पर जियाउर्रहमान पहुंचे और एसीएम द्वितीय को सभी साक्ष्य सौंप दिए ।

जियाउर्रहमान ने तत्कालीन एसीएम अंजुम बी द्वारा साक्ष्य देखे बगैर डॉक्टर से मिलीभगत कर जांच आख्या देने का भी आरोप लगाया है । जियाउर्रहमान ने हॉस्पिटल को अवैध बताया है और हार्ट सेंटर को स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा संचालित करना बताया है । साथ ही ICU और एनिथिसिया के डॉक्टर न होने की भी शिकायत की है । इंस्टिट्यूट को पूर्णतः अवैध बताते हुए जियाउर्रहमान ने नर्सिंग काउंसिल ऑफ इंडिया की वैध संस्थानों की सूची भी दी है । वहीं पैरामेडिकल कोर्स के लिए उप्र मेडिकल फैकल्टी द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देश व मानकों की सूची भी दी है, जिउनमे एक भी मानक इंस्टीट्यूट ने पूरा नही किया है । इंडियन नर्सिंग काउंसिल एक्ट 1947 की प्रति भी दी है । एसीएम द्वितीय अंजुम बी ने जिस भारत सेवक समाज संस्था से एमओयू के माध्यम इंस्टिट्यूट को क्लीन चिट दी है , उसे भी जियाउर्रहमान ने अवैध बताया है ।

जियाउर्रहमान ने पांच छात्रों के प्रवेश लेकर कैंसिल कराने के पत्र, डॉ अलवीरा शाह के पुराने सहयोगी डॉ जावेद द्वारा एसएसपी को की गई शिकायत की प्रति भी साक्ष्य के रूप में सौंपी है । एसीएम से तत्कालीन एसीएम की जांच को एकपक्षीय और मिलीभगत करार देते हुए छात्रहितों और जनहित में कार्यवाही की मांग की है ।

जियाउर्रहमान ने कहा है कि अवैध इंस्टीट्यूट और हॉस्पिटल को तत्कालीन एसीएम अंजुम बी ने डॉक्टर से सांठगांठ कर बिना साक्ष्य देखे बचाने का प्रयास किया है और क्लीनचिट दी जो असंवैधानिक है । उन्होंने कहा कि कार्यवाही न होने तक हर स्तर पर आवाज़ उठाएंगे, हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी तो वहां भी जाएंगे लेकिन छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नही किया जाएगा । उन्होंने कहा कि एसीएम के खिलाफ भी मुख्यमंत्री महोदय को पत्र लिखकर शिकायत करेंगे ।