मोदी सरकार के खिलाफ युवा कांग्रेस ने दिल्ली में निकाला मशाल जुलूस, कृषि कानून वापिस लेने और संसद सत्र बुलाने की मांग

नई दिल्ली । भारतीय युवा कांग्रेस द्वारा एक मशाल आक्रोश जुलूस बुधवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी जी के नेतृत्व में और किसानों की मांगों के समर्थन में भारतीय युवा कांग्रेस के मुख्य कार्यालय से जंतर मंतर तक निकाला गया। जिसमे हजारों युवाओ ने मोदी सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया ।

भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने कहा कि जब दिल्ली सहित पूरा भारत ठिठुरती हुई ठंड से परेशान है, केंद्र सरकार इस ठंड में अन्नदाता को मौत के मुंह में लगातार ढकेलती जा रही है। लगातार अन्नदाताओं की इस आंदोलन में शहादत होती जा रही हैं। उनके समर्थन में वकील आत्मदाह कर रहे है, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी अपने जीते हुए मेडल वापस कर रहे हैं, प्रसिद्ध नामी-गिरामी राजनीतिज्ञ अपने पद्म विभूषण वापस कर रहे हैं, लेकिन देश का मुखिया बजाए किसानों से वार्ता करने के किसानों को ही अनपढ़ साबित करने में लगे हुए हैं। वह लगातार किसानों को अपमानित कर रहे हैं और कह रहे हैं कि किसानों को भ्रमित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि दरअसल प्रधानमंत्री स्वयं अपनी विश्वसनीयता लगातार खोते जा रहे हैं। जीएसटी और नोटबंदी के दुष्प्रभाव को लोगों ने हर पल झेला है इसलिए किसान एमएसपी पर लिखित आश्वासन की बाजाय संसद निर्मित कानून चाहता है। कानून बनाना तो दूर कृषि संबंधी इन मुद्दों पर भाजपा नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार कोई चर्चा भी नहीं चाहती है। इसीलिए कोरोना का बहाना करके वह संसद का सत्र भी नहीं बूला रहे है। यह लोग लगातार लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं। इस विषम परिस्थिति में भी भारतीय युवक कांग्रेस किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

श्रीनिवास ने कहा कि इस कोरोना काल में जब बिहार का चुनाव हो सकता है, हैदराबाद का निकाय चुनाव हो सकता है, लाखों की भीड़ वाली बंगाल में रैलियां हो सकती हैं, दिल्ली के भाजपा कार्यालय में सोशल डिस्टेंसिंग का मजाक उड़ाते हुए हजारों लोग जीत का जश्न बना सकते हैं, तो फिर 543 लोग संसद भवन में क्यों नहीं बैठ सकते ? हम तत्काल संसद सत्र बुलाने की मांग करते हैं।

भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी कृष्णा अल्लवरु जी ने कहा कि पिछले 2 वर्ष से भारत के कई राज्यों में अंबानी और अडानी जमीनों का अधिग्रहण करके अनाज भंडारण के गोदामों का निर्माण कर रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार काले कानूनों के माध्यम से किसे लाभ पहुंचाना चाहती है और किसका गला घोटना चाहती है। राज्यसभा में भाजपा के पास बहुमत ना होने के बावजूद भी जिस धूर्तता और तानाशाही से इन काले कानूनों को राज्यसभा से पारित कराया गया वह लोकतंत्र की हत्या है। केंद्र सरकार किसानों के इस आंदोलन पर संसद में जवाब देने से कतरा रही है, इसीलिए संसद का शीतकालीन सत्र भी आहूत नहीं कर रही। जब बिहार में चुनाव हो सकता है, बंगाल में बड़ी – बड़ी रैलियां हो सकती हैं तो संसद का सत्र क्यों नहीं चल सकता? हम किसानों के मुद्दे पर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग करते है।

इस अवसर पर दिल्ली युवक कांग्रेस के प्रभारी भैया पवार, भारतीय युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और दिल्ली की सह प्रभारी खुशबू शर्मा, भारतीय युवा कांग्रेस के महासचिव अब्राहम रॉय मनी, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव मोहित चौधरी, युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव हरसिमरत बाजवा, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव अंकित डेढ़ा, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव वैभव वालिया, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव विनीत कंबोज, युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव मंजू टोंगड़, युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव सुरभि द्विवेदी, दिल्ली युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष रणविजय लोचव, उपाध्यक्ष शुभम शर्मा और हजारों युवा कार्यकर्ता प्रदर्शन मे मौजूद रहे ।