योगी सरकार की नजर में अब ताजमहल ‘अजूबा’ नहीं, पर्यटन लिस्ट से किया बाहर

लखनऊ |सूबे की योगी सरकार ने विश्व के सात अजूबो में शामिल भारत के प्रसिद्द पर्यटन स्थल ताजमहल को यूपी के पर्यटन लिस्ट से बाहर कर दिया है | हिंदुत्व के एजेंडे को लेकर चल रही सरकार ने ताज महल को पर्यटन लायक ही नहीं समझा है या यूँ कहें कि अब ताजमहल योगी सरकार की नजर में अजूबा ही नहीं है तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी | मामले का खुलासा होने के बाद अब सोशल मीडिया पर सरकार की जमकर आलोचना हो रही है | उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा विश्व पर्यटन दिवस पर जारी की गई बुकलेट ‘उत्तर प्रदेश पर्यटन-अपार संभावनाएं’ में ताजमहल को जगह नहीं दी गई है। ताजमहल को क्यों शामिल नहीं किया गया ? इस संबंध में अभी तक किसी का आधिकारिक बयान नहीं आया है। इस बुकलेट में प्रदेश के तकरीबन सभी पर्यटन स्थलों को शामिल किया गया है। लेकिन ताजमहल नहीं है। बुकलेट में वाराणसी की गंगा आरती, गोरखपुर की गोरक्ष पीठ, मथुरा-वृंदावन, अयोध्या सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों को जगह दी गई है।

बुकलेट का कवर गंगा आरती को लेकर बनाया गया है। बुकलेट खोलने पर पर्यटन मंत्री डॉ रीता बहुगुणा जोशी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर दिखाई देती है। इसके बाद एक पेज पर भूमिका है। अगले पेज पर उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में पर्यटन के लिए क्या-क्या कर रही है? वर्तमान में यूपी में पर्यटन की क्या स्थिति है? इसकी जानकारी दी गई है। अगले पेज पर पर्यटन विकास योजना की जानकारी दी गई है | साथ ही हनुमान मंदिर की तस्वीर है। उसके बाद पूरे दो पेज वाराणसी की गंगा आरती को दिए गए हैं।

अगले दो पेज मथुरा के दिए गए हैं। फिर एक पृष्ठ पर रामायण परिपथ और ​बौद्ध परिपथ दिए गए हैं। इसके बाद अयोध्या की जानकारी है, जिसमें सीएम योगी द्वारा सरयू की आरती की तस्वीर लगी हुई है। इसके अगले पेज पर गोरक्षपीठ है, फिर देवीपाटन शक्ति पीठ की जानकारी दी गई है। फिर शाकम्बरी माता मंदिर, ​चुनार का किला भी है। अब इस बुक लेट के आने के बाद सियासी तापमान हाई हो सकता है | बताते चलें कि ताजमहल को देखने देश सहित विदेशो से भी भारी संख्या में पर्यटक देखने आते हैं | अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन लिस्ट से ताजमहल को बाहर करने से भारत को किरकिरी का सामना करना पढ़ सकता है |