योगी सरकार का बड़ा कदम- गौ हत्या पर होगी रासुका की कार्यवाही

लखनऊ। यूपी में अब गौहत्या करने पर रासुका की कार्यवाही होगी | गौवध को रोकने के लिए योगी सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है | प्रदेश के DGP सुलखान सिंह ने कानून व्यवस्था चाक-चौबंद करने के लिये परम्परागत पुलिसिंग पर जोर दिया है। उन्‍होंने लंबे समय से जिलों में तैनात उपनिरीक्षकों को जोन के बाहर स्थानांतरित करने को कहा है। साथ ही, कम्युनिटी पुलिसिंग को बढ़ावा देने की हिदायत भी दी है। डीजीपी ने आज जोन में तैनात एडीजी, रेंज में तैनात आईजी तथा जिलों में तैनात पुलिस कप्‍तानों के साथ अपराध नियंत्रण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्थानांतरण नियमावली के विरुद्ध जिलों में तैनात उपनिरीक्षकों को जोन के बाहर स्थानांतरित किया जाए। अपराध में शामिल या अपराधियों से संबंध रखने के लिए चिह्नित पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्यवाही हो। माफिया एवं अन्य प्रभावशाली अपराधियों की सूची बनायी जाए और उनके जमानतदारों का सत्यापन कराया जाए।
चौराहों के 25 मीटर तक नहीं लगेंगे ठेले –
गाड़ियों पर मानक विपरीत लगी नंबर प्लेट, हूटर-सायरन, लाल-नीली बत्तियां, झंडे, तख्तियां हटाने का अभियान चलाया जाए। चालकों को सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित किया जाए। हेलमेट पहनना सुनिश्चित किया जाए। गाड़ियों से काली फिल्म हटायी जाएं। यातायात पुलिस चुस्त-दुरुस्त और स्मार्ट वर्दी में रहे। वसूली की शिकायत पर रोक लगाई जाए। चौराहों के 25 मीटर तक ठेले, वाहन न खड़े होने दिये जाएं।
गौहत्या पर लगेगा एनएसए-
गोवध एवं वध के लिए गोवंश के परिवहन पर सख्ती से रोक लगायी जाए। ऐसे अपराधियों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, गिरोहबंद अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही की जाए। न्यायालयों में विचाराधीन प्रकरणों में पैरवी कर परिणाम तक पहुंचा जाए। माफिया व गिरोहबंद अपराधियों की जमानतें निरस्त करायी जाएं। मॉल्स, सार्वजनिक स्थानों में सादी वर्दी में महिला सिपाही व अधिकारियों के दस्ते तैनात किये जाएं।
दस से एक कार्यालय पर बैठें
डीजीपी ने पुलिस अफसरों को स्पष्ट रूप से कहा कि वह प्रतिदिन सुबह दस बजे से दोपहर एक बजे तक कार्यालय में अवश्य बैठें। कार्यालय के कार्यों का निस्तारण करने के अलावा नागरिकों से मिलकर उनकी शिकायतों का निस्तारण करेंगे। नागरिकों की शिकायतों के निराकरण पर पूरी गंभीरता एवं तत्परता बरती जाए।

ये हिदायतें भी दीं-

एसपी जवानों के अवकाश, ड्यूटी से विश्राम, भोजन, शौचालय, आवास, चिकित्सा की व्यवस्था तथा परिवार कल्याण की समस्या निराकरण करायें। थानाध्यक्ष, प्रतिसार निरीक्षक मासिक निरीक्षण, दैनिक मुआयना मालखाना एवं नक्शा नौकरी खुद लिखें। बंदियों के एस्कोर्ट के संबंध में बंदी की प्रकृति के अनुसार स्पष्ट, लिखित आदेश दिया जाए। कचहरी, लॉक-अप ड्यूटियां जल्दी-जल्दी बदली जाएं।
चरित्र सत्यापन, पासपोर्ट, लाइसेंस प्रार्थना पत्र पर एक सप्ताह में रिपोर्ट लगा दी जाए। एनसीआर की तीन दिन में जांच पूरी हो और सिर्फ आक्रामक पक्ष के विरुद्ध कार्यवाही हो। टेम्पो, रिक्शा, ऑटो में ओवरलोडिंग रोकी जाए। गाजियाबाद, नोएडा पुलिस के अधिकारियों को दिल्ली पुलिस के समन्वय बनाकर कार्य करने का निर्देश दिया गया।