झाबुआ में भाजपा के प्रति निराशा की लहर : कमलनाथ

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि महाराष्ट्र, हरियाणा एवं मध्यप्रदेश के झाबुआ विधानसभा सीट पर बृहस्पतिवार को आये चुनाव परिणाम बताते हैं कि देश की जनता में भाजपा को लेकर निराशा की लहर है। झाबुआ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस को मिली विजय पर कमलनाथ ने यहां संवाददाताओं से कहा कि झाबुआ की जीत बताती है कि लोगों का कांग्रेस पर विश्वास कायम है।

कमलनाथ ने कहा कि झाबुआ के नतीजे बताते हैं कि जनता भाजपा से निराश है। न केवल झाबुआ में भाजपा के प्रति निराशा की लहर है, बल्कि देश की जनता में भी भाजपा को लेकर निराशा है। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ महीने पहले ही लोकसभा का चुनाव हुआ। उसकी तुलना में आज जो परिणाम आए हैं, वह स्पष्ट करते हैं कि देश के मतदाता यह अहसास कर रहे हैं कि वे भाजपा के राज-काज से निराश हैं।’’ कमलनाथ ने बताया, ‘‘भाजपा देश का ध्यान मोड़ने की चेष्टाएं करती है, लेकिन उसका पर्दाफाश झाबुआ, महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनाव में हुआ है।’’ उन्होंने कहा कि चार-पांच माह पूर्व महाराष्ट्र एवं हरियाणा में लोकसभा चुनाव में भाजपा जितने अधिक अंतर से जीती थी, आज उसके उलट उतने ही अंतर से हार गई। यह परिणाम बता रहा है कि जनता को गलती का अहसास हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद नहीं थी कि (हमारे पक्ष में) ऐसे परिणाम आएंगे। हमारी उम्मीदों से बेहतर परिणाम आये हैं।’’

कमलनाथ ने कहा कि ये चुनाव परिणाम बताते हैं कि देश की जनता भाजपा की दुर्भावना की राजनीति को पहचानती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने कभी राष्ट्रवाद, कभी अनुच्छेद 370 और कभी पाकिस्तान की बात करके लोगों का ध्यान मूल मुद्दों से हटाने का प्रयास किया गया है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्दे मोदी की सरकार ने कभी नौजवानों की रोजगार की बात नहीं की, किसानों की बात नहीं की, व्यापारियों के हित के बारे में नहीं बोला। कमलनाथ ने कहा कि आज देश में मंदी का दौर है, लेकिन मध्यप्रदेश इससे अछूता है। मंदी का बहुत बड़ा कारण है कि लोगों की आशाएं केन्द्र सरकार से समाप्त हो गई हैं। मध्यप्रदेश में ऐसा नहीं है, इसलिए यहाँ मंदी नहीं है।उन्होंने कहा कि आज देश का पूरा बैंकिंग सिस्टम ठप है। इन सब असफलताओं का अहसास देश की जनता को हो रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस की सरकार बनाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। जनता ने वहां पर भाजपा को नकार दिया है। उन्हें अपनी यह हार स्वीकार करनी चाहिए।