उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही वेबसाइटों को भी देगी विज्ञापन

उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही वेब मीडिया नीति सुधार करने जा रही है, जिसमें उन वेबसाइट्स को भी विज्ञापन देने की बात की जा रही है, जिनके पोर्टल पर प्रति माह 1 लाख से यूनिक यूजर्स हैं।

एक लाख से अधिक यूनिक यूजर्स प्रतिमाह वाले वेब पोर्टलों के लिए एक नई श्रेणी जोड़ने, हिट्स की संख्या प्रतिमाह न्यूनतम ढाई लाख की जगह एक लाख करने और हिट्स की गणना के लिए 6 महीने की जगह 3 महीने के औसत आधार पर लेने का प्रस्ताव है।
इससे बड़ी संख्या में न्यूज व वेब पोर्टल्स सरकारी विज्ञापन पाने की पात्रता में आ जाएंगे। प्रस्तावित संसोधन पर आम लोगों के सुझाव मांगे गए हैं।
मौजूदा नीति की कई शर्तों की वजह से तमाम वेब पोर्टल्स इस नीति का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। यही वजह है कि योगी सरकार ज्यादा से ज्यादा वेब पोर्टल्स को सरकारी विज्ञापन के लाभ के दायरे में लाने के लिहाज से कई संसोधन करने जा रही है।

विज्ञापन वितरण के लिहाज से वेब माध्यमों को तीन की जगह चार श्रेणी में बांटने का प्रस्ताव है। वर्तमान में 50 लाख से अधिक, 20 से 50 लाख व 2.5 लाख से 20 लाख यूनिक यूजर्स की प्रतिमाह की श्रेणी है। 6 महीने के औसत के आधार पर इसकी गणना की जाती है।
प्रस्तावित व्यवस्था में एक श्रेणी ‘घ’ सृजित होगी। इसमें एक लाख से 2.5 लाख यूनिक यूजर्स प्रतिमाह होंगे। इस श्रेणी के वेबपोर्टल के लिए विशेष दर 15 रुपए तय होगी। बाकी तीन श्रेणियों की दरों में कोई बदलाव न करने का प्रस्ताव है।

सूचना निदेशक अनुज कुमार झा ने मीडिया को बताया कि यूपी वेब मीडिया नीति 2016 में से जुड़ा ड्रॉफ्ट सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है। इस पर लोग आगामी बुधवार तक अपने सुझाव दे सकते हैं।