GST राजस्व घाटे के मुद्दे पर हंगामा, राज्यसभा बारह बजे तक स्थगित

नयी दिल्ली। जीएसटी के कारण राज्यों को होने वाले राजस्व घाटे की भरपाई केंद्र द्वारा समय पर नहीं किए जाने के विरोध में टीआरएस सहित विभिन्न दलों के हंगामे के कारण बुधवार को राज्यसभा की बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। इसके बाद उन्होंने सदन को सूचित किया कि उन्हें जीएसटी के कारण राज्यों को होने वाले राजस्व घाटे की भरपाई केंद्र द्वारा समय पर नहीं किए जाने के मुद्दे पर चर्चा के लिए टीआरएस सदस्य के केशव राव और कांग्रेस की छाया वर्मा सहित कुछ अन्य सदस्यों के नोटिस मिले हैं।

सभापति ने कहा कि यह मुद्दा कल सदन में उठाया गया था इसलिए वह आज इसे उठाने की अनुमति नहीं देंगे और संबंधित नोटिस उन्होंने अस्वीकार कर दिए हैं। नायडू ने यह भी बताया कि तृणमूल कांग्रेस की सदस्य डोला सेन ने राज्यपाल के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए नोटिस दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दे पर चर्चा के लिए समुचित नोटिस दिया जाना चाहिए। उन्होंने इस नोटिस को भी अस्वीकार किए जाने की सूचना देते हुए शून्यकाल शुरू कराया। सभापति ने बीपीएफ के विश्वजीत दैमारी को शून्यकाल के तहत उनका मुद्दा उठाने के लिए कहा। दैमारी ने अपनी बात शुरू की। इसी बीच टीआरएस सदस्य केशव राव ने जीएसटी के कारण राज्यों को होने वाले राजस्व घाटे की भरपाई केंद्र द्वारा समय पर नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा ‘‘यह एक या दो राज्यों की बात नहीं है। यह नौ राज्यों की समस्या है और राजस्व घाटे की समय पर भरपाई नहीं किए जाने का असर राज्य सरकार के विकास कार्यों पर पड़ रहा है।’’

सभापति ने उनसे बैठ जाने और शून्यकाल चलने देने को कहा। लेकिन टीआरएस के सदस्य अपने हाथों में पर्चे लिए हुए, अपने स्थानों से आगे आ गए। कांग्रेस और वाम दलों के सदस्यों ने भी उनकी मांग का समर्थन दिया। नायडू ने हंगामा कर रहे सदस्यों ने अपने स्थानों पर लौट जाने और शून्यकाल चलने देने को कहा। उन्होंने जानना चाहा ‘‘क्या आप लोग नहीं चाहते कि शून्यकाल चले ?’’ सदन में व्यवस्था बनते न देख सभापति ने 11 बज कर करीब दस मिनट पर बैठक दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले सभापति ने सूचित किया कि स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए निर्दलीय सदस्य एमपी वीरेंद्र कुमार ने उच्च सदन के वर्तमान सत्र से 18 नवंबर से लेकर 13 दिसंबर तक और राकांपा सदस्य मजीद मेनन ने दो दिसंबर से 13 दिसंबर तक अवकाश का अनुरोध किया है। सदन की सहमति से सभापति ने दोनों सदस्यों को अवकाश की स्वीकृति दे दी।