यूपी में नहीं हुईं गड्ढा मुक्त सड़कें, लोगो की शिकायत पर सीएम योगी ने अफसरों को लगाई फटकार

लखनऊ | सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग की रफ्तार पर गहरा असंतोष जाहिर किया है। सड़कों के गड्ढा मुक्त अभियान और सड़कों के निर्माण को लेकर उप मुख्यमंत्री और पीडब्ल्यूडी मंत्री केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता अभी भी खराब सड़कों की शिकायत कर रही है। पीडब्ल्यूडी ने जो रफ्तार सरकार के 100 दिनों में पकड़ी थी उसे बनाए रखने की जरुरत है। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने में गन्ना विभाग और सिंचाई विभाग सबसे फिसड्डी रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने खराब सड़कों को लेकर आ रही शिकायतों पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पीडब्ल्यूडी ने जो रफ्तार 100 दिनों में पकड़ी थी उसे बनाए रखने की जरुरत है। मुख्यमंत्री ने गड्ढा युक्त सड़कों को दोबारा आंकलन कर योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़कों को गड्ढा मुक्त करने में लापरवाही बरतने वाले अफसरों और इंजीनियर्स की जिम्मेदारी निर्धारित कर उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्विट कर समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री की ओर से जताए गए असंतोष की जानकारी सार्वजनिक की।

सड़कों के गड्ढा मुक्ति अभियान की समीक्षा के लिए बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सामने आया कि प्रदेश में पीडब्ल्यूडी, राष्ट्रीय राजमार्ग, एनएचएआई, पंचायतीराज विभाग, गन्ना विभाग, सिंचाई विभाग, मंडी परिषद, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और नगर निकाय एवं नगर निगमों को 1,07,856 किलोमीटर लंबी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का लक्ष्य दिया गया था। 27 दिसम्बर तक 101960 किमी सड़कों को गड्ढा मुक्त किया गया है। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए गन्ना विभाग ने 5.8 फीसदी और सिंचाई विभाग ने केवल 4.8 फीसदी काम किया है।