लोकसभा चुनाव 2019: तेजबहादुर का बड़ा आरोप- ‘बीजेपी ने चुनाव न लड़ने के लिए दिया था 50 करोड़ का ऑफर’

वाराणसी | बीएसफ से बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव ने आरोप लगाया है कि निर्दल उम्मीदवार के रूप में पर्चा भरने के बाद बीजेपी के लोगों ने मुझे 50 करोड़ के ऑफर दिए थे। गुरुवार को एक होटल में मीडिया से बातचीत के दौरान तेज बहादुर ने कहा कि जब से मैंने बनारस से चुनाव लड़ने की घोषणा की थी तब से मुझे परेशान किया जा रहा है।

रुपये ऑफर करने वाले का नाम पूछने पर तेज बहादुर ने कहा कि ये लोग बड़े शातिर हैं, अगर मैंने उसका नाम ले लिया तो हो सकता है दामन बचाने के लिए ये उसकी हत्या करवा दें। उन्होंने कहा कि मुझे अंदेशा था कि मेरा पर्चा खारिज करा दिया जाएगा। मेरे वकील उच्च और उच्चतम न्यायालय दोनों जगह गए थे। वहां से कहा गया कि पहले चुनाव आयोग जाऊं।

वहीं, सावन पूर्णिमा से चार महीने पहले राजनीतिक रक्षा बंधन वैशाख महीने में मनाया गया। समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार शालिनी यादव ने पार्टी की ओर से घोषित किए गए दूसरे उम्मीदवार फौजी तेज बहादुर यादव को गुरुवार को उनके मंडुवाडीह स्थित फ्लैट पर राखी बांधी।

सपा-बसपा गठबंधन के अधिकृत उम्मीदवार के रूप में पर्चा खारिज हो जाने से निराश तेज बहादुर ने इस रिश्ते को बिना हिचक स्वीकार किया। हरियाणा के रहने वाले तेज बहादुर ने कहा कि पांच भाइयों के बीच में एक भी बहन नहीं थी। शालिनी के राखी बांधने के बाद न सिर्फ उन्हें बल्कि उनके चार अन्य भाइयों को भी बहन मिल गई है। तेज बहादुर ने कहा कि सपा में शामिल होने से पहले जब से उन्होंने बनारस से चुनाव लड़ने की घोषणा की थी तब से उनके ऊपर बहुत दबाव बनाए जा रहे थे। करोड़ों रुपए का प्रलोभन भी दिया गया था। दूसरी तरफ शालिनी यादव का कहना है कि बहन-भाई के रिश्ते की नींव भले ही राजनीतिक कारण बने हों किंतु यह रिश्ता हम आजीवन निभाएंगे।