शिक्षक दिवस पर बोले मोदी, ‘जो सीखने को मिले जीवन में उतार लो’

नई दिल्ली। डॉ. सर्वपल्‍ली राधा कृष्णन के जन्मदिन 5 सितंबर को टीचर्स डे के रूप में मनाया जाता है | डॉ. सर्वपल्‍ली राधा कृष्णन भारत के दूसरे राष्ट्रपति और एक शिक्षक थे। वह पूरी दुनिया को ही स्कूल मानते थे उनका कहना था कि जहां कहीं से भी कुछ सीखने को मिले उसे अपने जीवन में उतार लेना चाहिए। वह पढ़ाने से ज्यादा छात्रों के बौद्धिक विकास पर जोर देने की बात करते थे। वह पढ़ाई के दौरान काफी खुशनुमा माहौल बनाकर रखते थे। 1954 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया।  पीएम नरेंद्र मोदी ने भी पूरे देश को शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए डॉ एस राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि दी है। इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने शिक्षकों को सलाम किया है।

ऐसे हुई शिक्षक दिवस की शुरुआत-

जब उन्होंने देश के दूसरे राष्ट्रपति का पदभार संभाला तब उनके कुछ प्रशंसकों ने उनका जन्मदिन मनाने की इच्छा जाहिर की तब उन्होंने कहा कि ये उनके लिए ज्यादा सम्मान की बात होगी कि उनका जन्मदिन टीचर्स डे के तौर पर मनाया जाए। इसके बाद साल 1962 से उनके जन्मदिम को देश भर टीचर्स डे के रूप में मनाने की परंपरा बन गई