क्या पत्रकारों की सुरक्षा और उनके अधिकार की आवाज सुनी जाएगी ?

दुनिया भर में जो पत्रकार, लोगों की खबर लेते और देते रहते हैं वो कब खुद खबर बन जाते हैं इसका पता नहीं चलता है। पत्रकारिता के परम्परगत रेडियो, प्रिंट और टीवी मीडिया से बाहर, खबरों के नए आयाम और माध्यम बने हैं। जैसे जैसे खबरों के माध्यम का विकास हो रहा है, खबरों का स्वरूप और पत्रकारिता के आयाम भी बदल रहे हैं। फटाफट खबरों और 24 घंटे के चैनल्स में कुछ एक्सक्लूसिव दे देने की होड़, इतनी…

Read More