देश में एक ही काम है, लोग मर जाएँ लेकिन मोदी जी की छवि चमकती रहे, अपनी आंखें खोलने के लिए पढ़िए रवीश कुमार का यह आर्टिकल-

आज तक के एंकर रोहित सरदाना के निधन की ख़बर से स्तब्ध हूँ। कभी मिला नहीं लेकिन टीवी पर देख कर ही अंदाज़ा होता रहा कि शारीरिक रुप से फ़िट नौजवान हैं। मैं अभी भी सोच रहा हूँ कि इतने फ़िट इंसान के साथ ऐसी स्थिति क्यों आई। या इतनी तादाद में क्यों लोग अस्पताल पहुँच रहे हैं? क्या लोग अपने लक्षण को नहीं समझ पा रहे है, समझा पा रहे हैं या डाक्टरों की सलाह को पूरी तरह…

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रवीश को रमन मैग्सेसे सम्मान पत्रकारिता की जनपक्षधरता और उच्चतम मानवीय मूल्यों का सम्मान है !

पत्रकारिता की दुनिया के कई बड़े सम्मानों के बाद रवीश कुमार को प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय रमन मैग्सेसे सम्मान वस्तुतः पत्रकारिता की जनपक्षधरता और उच्चतम मानवीय मूल्यों का सम्मान है। रीढ़विहीन, बिकी हुई और बहुत हद तक वीभत्स पत्रकारिता के इस दौर में रवीश कुमार उन गिनती के पत्रकारों में एक हैं जो तमाम धमकियों और प्रलोभनों के बावजूद सत्ता प्रतिष्ठानों के आगे झुकने की जगह सत्ता की निरंकुशता, सांप्रदायिकता और छल को बेनक़ाब करते रहे। हिंदी मीडिया चैनलों की बेशर्म…

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