आखिर लड़कियां ही क्यों बदलें खुद को शादी के लिए !

अगर ससुराल ट्रेडिशनल है तो सिर पर पल्लू रखना रीति-रिवाजों का पालन करना तुलसी में पानी चढ़ाना जैसी अपेक्षाएं की जाती हैं। हमारे यहां लड़की की शादी होते ही यानी किसी परिवार की बहू बनते ही उससे बहुत कुछ बदलने की अपेक्षाएं की जाती हैं। उससे अपेक्षा की जाती है कि वह अपनी पुरानी पहचान को छोड़कर नई पहचान ओढ़ लें। अगर ससुराल थोड़ा मार्डन है तो अपेक्षाएं की जाती हैं कि बहू में टेबल एटिकेट्स हो अंगेजी आती…

Read More