पढ़िए दिल को छूती यह कविता – ‘चल समाधान कर लें दिल का, वरना प्यासे मर जायेंगे’

जीतपाल सिंह यादव – बिकता नहीं कोई ख्वाब मीठा, मीठी बातें बिक जाती हैं। मैं जितना तुझसे दूर रहूं, उतनी यादें बढ़ जातीं हैं। सीमित भावों के मिलन एक दिन, प्रेम के गीत सुनायेंगे।। चल समाधान कर लें दिल का, वरना प्यासे मर जायेंगे।। जितना रोचक रोशन चेहरा गुस्से में गुलाबी लगता है। उतना जालिम ब्यूटी पार्लर में भी जाकर नहीं सजता है। जब हंसते हो यह लगता है, आकाश सुमन बरसायेंगे। चल समाधान कर लें दिल का वरना…

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