जरुर पढ़ें विवेक सक्सेना का यह आर्टिकल – चौकीदार तो सो रहा है !

विवेक सक्सेना- मुझे बचपन से ही कहानियां पढ़ने का बुहत शौक था। उन दिनों पराग, नंदन, राजा भैया व चंदामामा सरीखी बहुचर्चित बाल पत्रिकाएं मेरे घर आती थी। चंदामामा में विक्रम और बेताल नामक एक स्थाई स्तंभ होता था। जिसमें बेताल को उठा कर ले जाने वाला विक्रम एक कहानी सुनाता था और अपनी पीठ पर लदे हुए बेताल से उस कहानी की वजह और शिक्षा पूछता था। एक बार मैंने एक कहानी पढ़ी कि एक राजा था जिसने…

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