स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’ के हुए 101 वर्ष

लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आगामी 29 एवं 30 दिसम्बर को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के अजर-अमर उद्घोष वाक्य ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा’, के 101 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भव्य आयोजन किया जायेगा तथा एक आकर्षक स्मारिका भी प्रकाशित की जायेगी आयोजन को लेकर आज राजभवन में राज्यपाल राम नाईक की उपस्थिति में एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें उच्च एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल, प्रमुख सचिव सूचना अवनीश अवस्थी, राज्यपाल की प्रमुख सचिव जूथिका पाटणकर, निदेशक सूचना अनुज कुमार झा तथा विशेष सचिव सूचना आरपी सिंह उपस्थित थे तय किया गया कि 29 दिसम्बर को लखनऊ में भाषण, गायन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे जिसमें उच्च एवं माध्यमिक शिक्षा के छात्र-छात्रायें प्रतिभाग करेंगे 30 दिसम्बर को सचिवालय के तिलक हॉल में मुख्य कार्यक्रम होगा, जिसमें राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री सम्मिलित होंगे तथा युवा विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित करेंगे।

कार्यक्रम की प्रस्तावित रूपरेखा के अनुसार महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं प्रखर राष्ट्रवादी विचारक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के उद्घोष ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा’ विषय पर आधारित भाषण प्रतियोगिता हेतु 29 राज्य विश्वविद्यालयों के 10 ग्रुप बनाये जायेंगे प्रत्येक विश्वविद्यालय द्वारा स्वयं से सम्बद्ध शासकीय, अशासकीय एवं स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में उक्त विषय पर भाषण प्रतियोगिता कराई जायेगी विश्वविद्यालय द्वारा प्रत्येक ग्रुप से उत्कृष्टतम भाषण देने वाले एक विद्यार्थी का चयन किया जायेगा इस प्रकार 10 छात्र चयनित किये जायेंगे प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को 30 दिसम्बर, 2017 को आयोजित मुख्य कार्यक्रम में सम्मानित किया जायेगा समस्त राज्य विश्वविद्यालय 10 दिसम्बर, 2017 तक प्रतियोगितायें सम्पन्न करावाकर उत्कृष्टतम छात्र/छात्रा का नाम 15 दिसम्बर, 2017 तक उत्तर प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद को प्रेषित करेंगे, जिसे आयोजन के मानीटरिंग एवं संयोजन हेतु नामित किया गया है राज्यपाल ने यह भी सुझाव दिया कि इस आयोजन में केन्द्रीय विश्वविद्यालयों को भी शामिल किया जाये।

कार्यक्रम में 29 दिसम्बर, 2017 को प्रदेश के 11 मण्डलों के जनपदों में ‘श्रीमद्भागवत रहस्य’ पर आधारित गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा जिसमें प्रदेश के सभी बोर्डो द्वारा संचालित राजकीय, सहायता प्राप्त एवं वित्त विहीन विद्यालयों तथा सीबीएसई एवं आई0सी0एस0ई बोर्ड के छात्र-छात्रा प्रतिभाग करेंगे। मुख्य प्रतियोगिता से पूर्व 11 से 15 दिसम्बर के मध्य मण्डलीय प्रतियोगिता तथा 28 से 29 दिसम्बर, की अवधि में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन होना तय हुआ है प्रत्येक आयोजन मण्डल से चयनित एक उत्कृष्ट गायक का नाम 20 दिसम्बर तक संबंधित मण्डलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक को प्रेषित किया जायेगा माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा गायन प्रतियोगिता आयोजित होने वाले जनपदों में (1) गोरखपुर (गोरखपुर एवं बस्ती मण्डल के जनपद), (2) फैजाबाद (फैजाबाद एवं देवीपाटन मण्डल के जनपद), (3) लखनऊ (लखनऊ मण्डल के जनपद), (4) इलाहाबाद (इलाहाबाद मण्डल के जनपद), (5) वाराणसी (वाराणसी, आजमगढ़ एवं मिर्जापुर मण्डल के जनपद), (6) झांसी (झांसी एवं चित्रकूट मण्डल के जनपद), (7) कानपुर (कानपुर मण्डल के जनपद), (8) आगरा (आगरा एवं अलीगढ़ मण्डल के जनपद) (9) मेरठ (मेरठ एवं सहारनपुर मण्डल के जनपद) (10) मुरादाबाद (मुदाराबाद मण्डल के जनपद), (11) बरेली (बरेली मण्डल के जनपद) हैं इस अवसर पर जारी होने वाली स्मारिका में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक से संबंधित लेख एवं चित्रों सहित अन्य पाठ्य सामग्री भी सम्मिलित की जायेगी बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि स्मारिका में उत्तर प्रदेश परिशिष्ट के नाम से भी एक अध्याय होगा जिसमें लखनऊ अधिवेशन से जुड़े चित्र प्रकाशित किये जायेंगे यदि किसी के पास 1916 के अधिवेशन का ऐसा कोई दुर्लभ चित्र होगा तो सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग उत्तर प्रदेश को उपलब्ध करा सकता है।