हैदराबाद मामला में सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ‘एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच हो’

Custodial death: Supreme Court refuses to interfere with HC order on CBI probe

नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि तेलंगाना में पशु चिकित्सक के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले के चार आरोपियों के मुठभेड़ में मारे जाने की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। प्रधान न्यायाधीश एस. ए. बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह कहा। याचिकाओं में पिछले सप्ताह मुठभेड़ में मारे गए आरोपियों की स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी।

पीठ ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि तेलंगाना में पशु चिकित्सक के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या मामले के चार आरोपियों के मुठभेड़ में मारे जाने की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।’’ पीठ में न्यायमूर्ति एस. ए. नजीर और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना भी शामिल थे। उसने कहा कि आपकी (तेलंगाना सरकार) कहानी के कई पहलू हैं, जिनकी जांच की आवश्यकता है।

उच्चतम न्यायालय ने पूर्व न्यायाधीश वी. एस.सिरपुरकर के नेतृत्व में न्यायिक जांच के आदेश दिए। उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय, एनएचआरसी में लंबित सुनवाई पर रोक लगाई और मामले में एसआईटी की रिपोर्ट मांगी। तेलंगाना सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि किसी पुलिस कर्मी को गोली नहीं लगी है लेकिन वे आरोपियों द्वारा किए हमले में घायल हुए।