सुप्रीम कोर्ट में गरीबों को आरक्षण के खिलाफ दायर याचिकाओं पर अब 8 अप्रैल को सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट संवैधानिक संशोधन को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अब 8 अप्रैल को अगली सुनवाई करेगा। इस संशोधन में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को नौकरी और शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण देने की बात की गई है। इससे पहले कोर्ट में सरकार ने भी अपने इस फैसले का बचाव किया था।

अदालत में जमा करवाए गए हलफनामे में केंद्र सरकार ने कहा था कि संविधान में संशोधन करके गरीबों को 10 फीसदी आरक्षण देने से संविधान की मूल संरचना का उल्लंघन नहीं किया गया है। साथ ही अदालत के 1992 में आरक्षण को 50 फीसदी तक सीमित करने के फैसले का भी उल्लंघन नहीं हुआ है।