छात्र राजनीति में फिर सक्रिय हुए अतुल प्रधान, योगी सरकार की बढेंगी मुश्किलें

लखनऊ | यूपी की छात्र राजनीति में आने वाले नए सत्र के साथ एक बार फिर उफान आने वाला है | लखनऊ यूनिवर्सिटी से हुई योगी सरकार के विरोध की शुरुआत आने वाले सत्र में पूरे सूबे में फैलने को तैयार है |  मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने समाजवादी छात्र सभा के जरिये छात्र राजनीति की सक्रियता बड़ा दी है | सपा के चर्चित छात्र नेता अतुल प्रधान एक बार फिर छात्र सभा में सक्रिय हो गए हैं, उनके सक्रिय होते ही समाजवादी छात्र नेताओं में फिर से जोश आ गया है |  इन दिनों अतुल प्रधान लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं , उन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी में योगी के आगमन के दौरान काले झंडे दिखाने वाले  जेल में बंद छात्र नेताओं से भी मुलाक़ात की | अतुल प्रधान को सपा में युवा एवं छात्र वर्ग बेहद पसंद करता है और उनके नेत्रत्व को स्वीकार करता है  | अतुल प्रधान भी लखनऊ सहित प्रदेशभर के सक्रिय छात्र नेताओं को एकजुट कर रहे हैं | अतुल की सक्रियता से अन्य छात्र संगठन भी सतर्क हो गए हैं |

अतुल प्रधान के प्रयासों का ही परिणाम रहा कि छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह को मोदी के दौरे से पहले जब पुलिस ने गिरफ्तार किया तो  उन्होंने एसएसपी से मिलकर दिग्विजय को छुडवाया |  अतुल प्रधान समाजवादी  पार्टी का वो चेहरा है जो मेरठ की छात्र राजनीति  से निकलकर सूबे की सियासत में छात्र संघर्ष के दम पर स्थापित हुआ है |

बताते चलें कि अतुल  प्रधान को गत विधानसभा चुनाव में मेरठ की सरधना विधानसभा से सपा ने टिकट दिया था जिसमे उन्होंने संगीत सोम  को दमदार टक्कर दी | अतुल का दुर्भाग्य यह रहा कि सैंकड़ो करोड़ के विकास कार्य कराने के बाद भी धर्म आधारित हुए चुनाव में हार गए | हालांकि यह बात अलग है कि अब सरधना की जनता भी अतुल को वोट न देने का अफ़सोस कर  रही है |

अब यूपी की सियासत में सपा की छात्र और युवा राजनीति को धार देने के लिए अतुल फिर सक्रिय हो गए हैं | उनके सक्रिय होते ही सपा छात्र सभा के हतोत्साहित नेता भी सक्रिय हो गए हैं | छात्र राजनीति से जुड़े विश्लेषक मानते हैं कि अतुल प्रधान के सक्रिय होने से अब आगामी शैक्षिक सत्र से छात्र आन्दोलन यूपी में तेज होगा और योगी सरकार के लिए मुसीबत का सबब बनेगा |