जब सेना के अफसर ने लिखा- एसपी साहब, यह आपका कोई पुलिस थाना नहीं है, एक कर्नल का कार्यालय है’

शिमला | पुलिस अधीक्षक कार्यालय से एनसीसी यूनिट के कमांडिंग आफिसर के नाम भेजे गए एक पत्र पर कर्नल रैंक के सैन्य अफसर भड़क गए। जिला मुख्यालय हमीरपुर में स्थित 4-हिमाचल प्रदेश (स्वतंत्र) कंपनी एनसीसी यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल एम बख्शी के नाम से जारी पत्र पर एनसीसी इंचार्ज लिख दिया गया था। दो अगस्त को यह पत्र स्वतंत्रता दिवस पर परेड के लिए एनसीसी कैडेट्स भेजने के लिए लिखा गया।

कर्नल बख्शी ने एनसीसी इंचार्ज लिखे जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने पुलिस अधीक्षक के नाम नौ अगस्त को पत्र लिख कहा है ‘पुलिस अधीक्षक साहब, यह आपका कोई पुलिस थाना नहीं है। यह एक कर्नल का एनसीसी यूनिट कार्यालय है। यहां थाना के इंचार्ज नहीं बल्कि भारतीय सेना के कर्नल रहते हैं। इसलिए अपने लिपिक स्टाफ से कह दें कि भविष्य में इस तरह के आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग न करें।’

कर्नल ने पत्र में लिखा है कि पुलिस कार्यालय के लिपिकीय स्टाफ को इस बारे में उचित दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए। उन्होंने यहां तक लिखा कि आईपीएच की ट्रेनिंग में भारतीय सेना की पूरी जानकारी दी जाती है। इसके बावजूद इस तरह की गलती समझ से परे है। उधर, एनसीसी यूनिट कार्यालय हमीरपुर के सीनियर जेसीओ सूबेदार सतेंद्र ने कहा कि कर्नल साहब मेडिकल चेकअप के लिए चंडीगढ़ गए हैं।

दरअसल पुलिस अधीक्षक कार्यालय हमीरपुर से हर वर्ष की भांति इस बार भी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस परेड में एनसीसी के कैडेट्स भेजने को लेकर 2 अगस्त को एक पत्र जारी किया गया था। यह पत्र इंचार्ज 5-हिमाचल प्रदेश (स्वतंत्र) कंपनी एनसीसी यूनिट के नाम पर लिखा गया था। लेकिन कर्नल ने इंचार्ज शब्द लिखे जाने पर आपत्ति जताई। लिहाजा, उनसे बात नहीं हो सकती। भारतीय सेना में किसी भी अधिकारी का मोबाइल नंबर शेयर नहीं किया जाता है। वहीं पुलिस अधीक्षक हमीरपुर अर्जित सेन ठाकुर ने कहा कि उनके कार्यालय के लिपिकीय स्टाफ ने स्वतंत्रता दिवस परेड में एनसीसी कैडेट्स भेजने को लेकर पत्र लिखा था। एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल एम बख्शी ने इंचार्ज शब्द पर आपत्ति जताई है। लेकिन अभी तक एनसीसी कार्यालय से इस तरह का कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।