योगी सरकार में देखने को मिल रहा हवाई घोषणाएं, बड़बोलापन और भगवा आतंक : सपा

लखनऊ | समाजवादी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा है कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने पर जनता ने जो उम्मीदें की थीं उन पर पानी फिरता नज़र आता है। लोग महसूस करते हैं कि उनके साथ धोखा हुआ है। योगी सरकार के 60 दिन यों ही बीत गए हैं। इस अवधि में कोई उल्लेखनीय शुरूआत तक नहीं हुई। हवाई घोषणाएं, बड़बोलापन और भगवा अंगोछे वाले गिरोहों का आतंक यही देखने को मिल रहा है। न अपराध रूके, न लूट कम हुई और नहीं जातीय तथा सांप्रदायिक हिंसा पर रोक लगी। अब आगे 60 महीनों में क्या होगा, भगवान ही मालिक है।  मथुरा, फिरोजाबाद, वाराणसी, गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर, सहित कई जनपदों में हत्या, लूट, अपहरण, बलात्कार की तमाम गंभीर घटनाएं घट चुकी है। व्यापारी, महिलाएं, किसान, नौजवान सब त्रस्त हैं। संवैधानिक शपथ की अनदेखी कर राग-द्वेष की भावना से राज्य सरकार काम कर रही है। पुलिस वाले जगह-जगह पीटे जा रहे हैं। भगवा अंगोछे वालों के आगे प्रशासन तंत्र नतमंस्तक है।
मुख्यमंत्री जी पहले दिन से अपराधियों के खिलाफ सख्ती बरतने का भरोसा दिलाते रहे है। वे तो अपराधियों को प्रदेश छोड़ देने की चेतावनी भी दे रहे थे कभी वे कहते हैं कि वे अपराधियों-माफियाओं को पाताल तक से खोज लाएंगे तो कभी अपराधियों को उन्हीं की भाषा में जवाब देने की बात करते हैं। लेकिन पाताल तो क्या प्रदेश में ही अपराधी बेखौफ घूम रहे है। तमाम गंभीर घटनाओं की जांच भी नहीं हो पा रही है। फिर यह कौन सी बात हुई कि अपराधियों को उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जाएगा ? ऐसों की खोज पाताल तक करना श्रम, समय और शक्ति का दुरूपयोग ही होगा।  सच तो यह है कि प्रदेश की जनता अभी भी भाजपा राज या सत्ता परिवतर्नन का एहसास नहीं कर पा रही है। आज भी रोजाना हजारों लोग समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री  अखिलेश यादव से मिलने आते हैं। लोग उन्हें अपनी व्यथा कथा सुनाते हैं और अखिलेश जी भी उन्हें भरसक मदद के लिए तत्पर दिखते हैं। समाजवादी सरकार की योजनाओं से लाभान्वित होने वाले तमाम लोग आज भी उपकृत हैं। यादव का समानांतर ‘‘जनता दरबार ‘‘ जैसा ही है।
योगी सरकार समाजवादी सरकार के विकास कार्य देखकर हतप्रभ है।  अखिलेश यादव ने गरीबों, किसानों, अल्पसंख्यकों और नौजवानों के हित की तमाम योजनाएं बिना किसी भेदभाव के लागू की थी। भाजपा राजनीति में अपनी कोई स्वस्थ परंपरा तो स्थापित नहीं कर पाए उल्टे समाजवादी सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार कर जनता का ध्यान अपनी अकर्मण्यता, अक्षमता से हटाने की कोशिशें कर रहे हैं। जनता अब इनकी नस-नस से वाकिफ हो चली है।