सपा नेता पत्नी सहित लापता, हत्या की आशंका, चित्रकूट जिले सहित सपाइयों में हड़कंप

चित्रकूट | चित्रकूट के शंकर बाजार निवासी पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि व सपा नेता भरत दिवाकर अपनी पत्नी समेत मंगलवार की देर रात से रहस्यमय ढंग से गायब हैं। बुधवार की सुबह शिवरामपुर चौकी क्षेत्र के बरुआ बांध में लावारिश हालत में उनकी स्कार्पियो खड़ी मिलने की सूचना पर अपर एसपी भारी पुलिस बल व गोताखोरों के साथ पहुंचे। पुलिस ने कुछ नाविक व सपा नेता के सहयोगी को पकड़कर पूछताछ की जिसमें यह सामने आया कि पत्नी की हत्या के बाद उसके शव को नाव पर रख बीच बांध में ले गए। इसी बीच नाव पलटने से मृतक पत्नी समेत नाविक व सपा नेता पानी में गिर गए।

नाविक तो किसी तरह तैरकर बाहर आ गया लेकिन गोताखोरों के तमाम प्रयास के बाद भी देर शाम तक सपा नेता व उनकी पत्नी का कुछ पता नहीं चल पाया है। अपर एसपी बलवंत चौधरी व पकड़े गए सहयोगी रामसेवक के अनुसार भरत दिवाकर ने कुछ निजी समस्याओं के चलते पत्नी की हत्या कर दी फिर उसके शव को बांध में फेंकने के लिए नाव से ले जाते समय नाव पलटने से भरत भी डूब गया है।

बरामद स्कार्पियो में पत्नी की चप्पल व कुछ अन्य सामग्री मिली है। मामले को लेकर तरह-तरह के कयासबाजी का दौर जारी है। भरत के परिजनों का कहना है कि देर रात को भरत पत्नी को लेकर दहिनी गांव में अपने छोटे भाई के जन्मदिन में शामिल होने जा रहा था।रास्ते में बांध से फोन आया कि कोई उनके बांध में मछलियों का अवैध शिकार कर रहा है तो वह उन्हें पकड़ने के लिए बांध चले गए थे। जैसे ही वह वहां पहुंचे तो मौजूद आरोपियों ने दंपति को पकड़कर बांध में फेंक दिया होगा। गौरतलब है कि सपा नेता भरत इसी बांध में मछलियों का ठेका भी लिया था।

सदर कोतवाली के मुलायम नगर मोहल्ले के पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि भरत दिवाकर की स्कार्पियो बरुआ बांध के समीप खड़ी मिलने पर बांध की रखवाली करने वाले युवक ने परिजनों व पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलने पर अपर एसपी बलवंत चौधरी, सीओ रजनीश यादव व कोतवाल अनिल सिंह भारी पुलिस बल व गोताखोरों के साथ बांध पहुंच गए।परिजनों ने बताया कि पत्नी मीनू उर्फ नमिता के साथ किराए के कमरे में रहते थे। मंगलवार रात से वह बाहर गया था। पुलिस ने छानबीन की तो स्कार्पियों वाहन में महिला के चप्पल व मोबाइल मिले। इस पर गोताखोरों ने बांध में खोजबीन शुरू कराई। यह खबर गांव में फैलते ही लोग बांध की ओर दौड़ पडे। सुबह से लेकर शाम तक गोताखोर दोनो को तलाशते रहे, किन्तु कुछ पता नहीं चल सका।

इस संबंध में अपर एसपी ने बताया कि गोताखोर रामसेवक निषाद निवासी दहिनी ने जानकारी दिया कि भरत दिवाकर वाहन लेकर मृत दशा में पत्नी के साथ आया था। जिसे नाव में ले जाते समय पलट गई। जिससे वह तो बच गया, लेकिन दोनो लापता हो गए। एएसपी ने बताया कि श्ेम तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी। इस मामले को लेकर कयासों का बाजार गरम है। र्व ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि भरत दिवाकर बरुआ बांध में मछली पालन कराता है। मंगलवार की देर शाम हरिहरपुर निवासी बबलू को फोन से कहा कि बांध के किनारे नाव लगा देना। नाव लगाने के बाद फोन कर सूचना जरूर दे। नाविक रामसेवक ने बताया कि बबलू ने नाव लगाई थी। देर रात भरत दिवाकर गाडी से पत्नी को लेकर आए थे।

लापता दम्पत्ति के घर के गेट में ताला लगा है। अंदर से पूरा घर खुला है। जब लोगों को जानकारी मिली कि भरत दिवाकर व पत्नी घर में नहीं है तो आसपास के लोगों ने छतों से झांकर देखा तो पता चला कि कमरो में न ताला लगा और दरवाजे खुले हैं। स्थानीय लोग दबी जुबान में चर्चा करते रहे कि भरत दिवाकर व पत्नी मीनू उर्फ नमिता का देर रात काफी विवाद हुआ। इसके बाद वह कहां गए ये किसी को मालुम नहीं है। मुख्यालय के मुलायम नगर में किराए का कमरा लेकर रहने वाले भरत दिवाकर के रहस्यमय तरीके से गायब होने पर लोग तरह-तरह के जहां कयास लगा रहे हैं वहीं देर शाम भरत ने मां चुनबद्दी निवासी दहिनी से फोन पर बात की थी कि उसके भाई लवकुश का बर्थडे मना लिया है। उसकी पुत्री तान्या उर्फ तनिष्का घर पहुंची या नही आदि जानकारी की।

कुछ ही घंटे बाद भरत की पत्नी मीनू ने भी सास से कहा कि पुत्री की तबियत खराब थी उसे दवा पिला देना। बुधवार को सवेरे जब दहिनी गांव के लोग भरत के घर पहुंचे और मां चुनबद्दी को दोनो के गायब होने की जानकारी दिया तो घर में रोने विलखने लगे। परिजन भी बरुआ बांध पहुंचे। देर शाम तक परिजन नाविकों के साथ तलाश कराने में जुटे रहे। पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि भरत दिवाकर के गायब होने पर मां चुनबद्दी व बहन पूजा ने बताया कि बरुआ बांध में मछली पालन का ठेका लिए है। साथ में कई पार्टनर भी है। मां ने भरत व पत्नी को गायब कराने की बात कही है। बरुआ बांध में पुलिस अधिकारियों को बताया कि जैसे बरुआ बांध का कर्मचारी रामसेवक बता रहा है उसकी बातों पर संदेह हैं। उन्हें शंका है कि पुत्र व बहू को कुछ लोगों ने गायब करा दिया है।

वर्ष 2012 में दादी दशोदिया देवी को ब्लाक प्रमुख बनाने के लिए एडी चोटी का जोर लगाया था। जीत के बाद ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि बनकर क्षेत्र में ठेकेदारी के कार्य से शुरूआत की थी। तभी से नाम चर्चा में आया था। इसके अलावा समाजवादी पार्टी का सक्र्तिय कार्यकर्ता है। घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिवशंकर यादव, जिलाध्यक्ष अनुज यादव, पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल, प्रधान प्रतिनिधि विद्यासागर यादव, मनोज यादव, रमेश यादव, नरेन्द्र यादव व फराज खान आदि सैकडों लोग बांध पहुंच गए।