अलीगढ : सपा और बसपा वार्ड नंबर 41 के परिणाम पर आमने-सामने, एडीएम सिटी कार्यालय में हुई हाथापाई, सपा के प्रत्याशी को मिली जीत

अलीगढ | पंचायत चुनाव को लेकर मंगलवार को अलीगढ में जमकर हंगामा हुआ | अकराबाद के वार्ड नंबर-41 के परिणाम को लेकर सपा बसपा जमकर नोंक झोंक हुई और नौबत हाथापाई तक पहुँच गई | बताया जा रहा है कि यहां मतगणना सीट के अनुसार सपा प्रत्याशी विजेंद्र यादव जीते हैं, लेकिन बसपा नेता मतगणना में हेराफेरी कर परिणाम प्रभावित करने का आरोप लगा रहे हैं। मंगलवार को दोनों दलों के नेता शाम से रात तक कलक्ट्रेट में एडीएम सिटी कार्यालय के बाहर डटे रहे। सपाइयों ने धरना दिया तो बसपाइयों ने भी विरोध किया। हालांकि बाद में सपा के प्रत्याशी को जीत का प्रमाण पत्र दिया गया |

मंगलवार को एडीएम सिटी कार्यालय में ही दोनों दलों के नेताओं के बीच कहासुनी, बहस और हाथापाई हो गई। कुछ लोगों ने बीचबचाव कर रोका। पुलिस ने भी दोनों पक्षों को हटाया। मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट विनीत कुमार, जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी सहित पुलिस फोर्स मौजूद रहा। शाम लगभग पांच बजे के करीब कलक्ट्रेट पहुंचे सपा के विजयी जिला पंचायत सदस्य विजेंद्र यादव (वार्ड नंबर-41) की तबियत बिगड़ गई तो वह एडीएम सिटी कार्यालय के बाहर फर्श पर ही लेट गए। विजय प्रमाण पत्र नहीं मिलने के विरोध में सपाई वहीं पर धरना दे रहे थे। नेता आरोप लगा रहे थे कि उनके विजयी उम्मीदवारों को परेशान किया जा रहा है। मतगणना स्थल पर सार्वजनिक तौर पर विजयी घोषित करने के बावजूद प्रमाण पत्र नहीं दिया जा रहा है। जिलाध्यक्ष गिरीश यादव ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के ही प्रत्याशी अर्जुन सिंह को इस तरह की हेराफेरी से हरा दिया गया।

गिरीश यादव ने बताया कि वार्ड 41 से विजेंद्र यादव को विजयी घोषित कर दिया गया था, लेकिन उनको कलेक्ट्रेट में प्रमाण पत्र नहीं दिया गया। धरना प्रदर्शन शुरू किया तो अधिकारियों ने माना कि तकनीकी दिक्कत होने से प्रमाण पत्र देने में देरी हो रही है। इस मौके पर पूर्व सांसद चौ. बिजेंद्र सिंह, जिला महामंत्री मुकेश माहेश्वरी, जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता रत्नाकर पांडेय, महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोसी, जिला उपाध्यक्ष डा. कृपाल सिंह यादव, मो. सगीर अहमद, कोषाध्यक्ष गुडडा यादव, सलमान शाहिद, पंकज यादव, सहित कई सपाई मौजूद रहे।

वहीँ, सपा के सामने ही मैदान में डटे बसपा के आगरा अलीगढ़ मंडल के मुख्य सेक्टर प्रभारी सूरज सिंह और जिलाध्यक्ष रतनदीप सिंह ने बताया कि वार्ड नंबर 41 से बसपा ने गवेंद्र गिरि को प्रत्याशी बनाया था। उनको 6580 वोट मिले। गवेंद्र गिरि के पास कलेक्ट्रेट से फोन आया कि अपना प्रमाण पत्र ले जाओ। यहां आने पर पता चला कि सपाई विजेंद्र यादव के समर्थन में धरने पर बैठे हैं और उनको जीता हुआ बता रहे हैं। इस पर प्रशासनिक अधिकारियों ने मतगणना शीट मंगाई और दोबारा से वोट गिनवाए। जिसमें विजेंद्र यादव को 8068 वोट मिलना सामने आया। वो लगभग 1368 वोटों से जीते बताए गए हैं। हालांकि इस मतगणना सीट पर कई जगह पर ओवरराइटिंग की गई है। शिकायत करने के बाद आरओ एडीएम सिटी राकेश मालपाणी ने मामले में बुधवार तक फैसला करने को कहा है। सूरज सिंह ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने इस तरह से वार्ड नंबर 42 पर बसपा के राकेश यादव को जीतने नहीं दिया। वार्ड नंबर 43 और 47 पर भी मतगणना में हेराफेरी की गई है। फिलहाल रात सवा नौ बजे तक किसी को भी प्रमाण पत्र नहीं दिया गया था।

देर शाम सपा नेताओं के हंगामे और धरने के बाद सपा के प्रत्याशी को जीत का प्रमाण पत्र दिया गया |