भारत की विविधता और अखंडता को संजोने में AMU का योगदान अतुलनीय : मसीहुज़्ज़मा

अलीगढ | ‘वर्तमान समय में पूरे देश में डर का एक वातावरण बना हुआ है। भय का बाज़ार धीरे-धीरे पैर पसार रहा है। विचारधाराओं का युद्ध जारी है और यहां तक कि छात्र और युवा भी इस डर के माहौल में बात करने से भयभीत हैं। एसआईओ इसी डर को ख़त्म करके एक ऐसा बेहतर वातावरण बनाने के लिए संघर्षरत है, जिसमें कि लोग शांतिपूर्वक रह सकें’ | यह बातें  एसआईओ के पूर्व राष्ट्रीय सचिव मसीहुज़्ज़मा अंसारी ने एसआईओ एएमयू ज़ोन की ओर से विश्वविद्यालय के नवीन छात्रों हेतु आयोजित एक फ्रेशर्स मीट कहीं |  मुख्य अतिथि मसीहुज़्ज़मा अंसारी ने अपने भाषण में कहा कि एएमयू का एक उत्कृष्ट इतिहास रहा है। भारत की विविधता और अखंडता को संजोने में एएमयू का योगदान अतुलनीय है। अतः यहाँ पर पढ़ने वाले छात्रों का कर्तव्य है कि वे इस अमूल्य धरोहर को संजोए रखें और ज्ञानार्जन के साथ-साथ विश्व में व्याप्त समस्याओं के निदान के बेहतरीन तरीके दुनिया के सामने प्रस्तुत करें। विद्यार्थियों और युवाओं को चाहिए कि वे अपने जीवन को ईश्वरीय निर्देशों के अनुसार सत्मार्ग पर लगाएं और इस्लाम का संदेश दुनिया तक पहुंचाने के लिए अग्रसर हों। समय की मांग है कि युवा अपने चरित्र के माध्यम से लोगों को प्रभावित करें और पूरे विश्व में शांति का संदेश पहुंचाएं।

शमशाद मार्केट स्थित एसआईओ एएमयू ज़ोन के कार्यालय में आयोजित इस फ्रेशर्स मीट का शुभारंभ सरफराज़ अहमद द्वारा कुरआन प्रवचन से किया गया। तत्पश्चात एस आई ओ एएमयू ज़ोन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष उसामा हमीद ने प्रारम्भिक भाषण प्रस्तुत किया। उन्होंने एएमयू के इतिहास, सर सैयद के बलिदान एवं संघर्ष पर प्रकाश डालते हुए छात्र जीवन में संगठन की महत्ता पर व्याख्यान दिया।  दुनिया की महत्वपूर्ण क्रांतियों में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए, कार्यक्रम का अंतिम अभिभाषण  जुनैद सिद्दीकी ने प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि विश्व इतिहास में जितनी भी क्रांतियां एवं विकास कार्य हुए हैं, सभी में छात्रों और युवाओं की अहम भूमिका रही है। अतः छात्रों को अपने भूतकाल से सबक लेकर तरक्की के मार्ग पर अग्रसर रहना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन मतीन अशरफ ने किया। इस अवसर पर जमात ए इस्लामी एएमयू क्षेत्र के अध्यक्ष अशहद जमाल नदवी भी उपस्थित थे। सभी नव आगंतुकों को एस आई ओ की ओर से उपहार देकर विदा किया गया।