शिवपाल फिरोजाबाद से भतीजे के खिलाफ लड़ेंगे चुनाव, PSP की रैली में उमड़ा सैलाब, टीम अखिलेश

फिरोजाबाद | प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को चुनौती देने के लिए ताल ठोंक दी है। वो फिरोजाबाद सीट से चुनाव लड़ेंगे। यहां से वर्तमान में सपा सांसद अक्षय यादव हैं, जो उनके भतीजे हैं। रविवार को शिकोहाबाद के रामलीला मैदान में शिवपाल यादव ने ‘हैं तैयार हम’ रैली को संबोधित किया। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शिवपाल ने सपा के गढ़ माने जाने वाले फिरोजाबाद से लोकसभा चुनाव लड़ने का एलान किया। वहीं समाजवादी पार्टी से अलग किए जाने का दर्द बयां करते हुए शिवपाल कई बार भावुक भी हो गए। अखिलेश यादव की टीम भी चाचा की रैली पर नजर लगाये हुए थी, उमड़े जनसैलाब ने टीम अखिलेश को चिंतित कर दिया है |

शिवपाल ने मंच से जब फिरोजाबाद से चुनाव लड़ने की घोषणा की तो भीड़ ने दोनों हाथ उठाकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यहां के नेता, कार्यकर्ता और जनता चाहती है कि मैं फिरोजाबाद से चुनाव लडू़ं। जिले की जनता को मैं निराश नहीं करूंगा और फिरोजाबाद से ही चुनाव लडू़ंगा।शिवपाल यादव ने सपा से अलग होकर नई पार्टी बनाने और सैफई परिवार में हुई टूट का दर्द खुले मंच से बयां किया। उन्होंने कहा कि वो नहीं चाहते थे पार्टी और परिवार में बिखराव हो। नेताजी से कह दिया था मुझे जीवन में कभी सीएम नहीं बनना है, विधायक भी नहीं बनना है। सिर्फ पार्टी के लिए ही काम करना है।

शिवपाल ने कहा कि हमने कई मुख्य दलों का सपा में विलय करने की तैयारी की थी। यदि ऐसा होता तो देश में पीएम, राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री अपने होते लेकिन उन्होंने बसपा से हाथ मिलाकर पूरी रणनीति को ध्वस्त कर दिया और हम पर आरोप लगाते हैं कि हम भाजपा की बी टीम हैं। प्रसपा अध्यक्ष ने कहा कि चाहे मेरे साथ कुछ भी किया गया लेकिन मैंने कभी प्रोफेसर साहब को पलटकर जवाब नहीं दिया। सरकार के समय मलाई खाने वालों ने मुझे पार्टी से अलग किया। वर्षों तक सपा का झंडा उठाए रहा। छोटी-छोटी बैठकों से लेकर पार्टी की बडे़ आयोजनों का हिस्सा रहा। 

उन्होंने कहा कि लोकसभा का चुनाव लड़ने का कभी सोचा भी नहीं था, लेकिन यह नौबत इसलिए आई क्योंकि नेताजी और मेरा अपमान होने लगा। लगातार इतना अपमान हुआ कि मुझे नेताजी का आशीर्वाद लेकर अलग पार्टी बनानी पड़ी। रामगोपाल यादव पर निशाना साधते हुए शिवपाल ने कहा कि मैनपुरी और फ़िरोज़ाबाद में सपा की ही सरकार में जमीन पर कब्जा हो रहा था। ट्रकों से अवैध शराब का धंधा चल रहा था। इसका ही तो विरोध किया था। नेताजी को पूरी बात बता दी थी। इसका नतीजा क्या हुआ। मुझे मंत्रिमंडल से निकाल दिया गया। कोई कसूर भी नहीं बताया।

उन्होंने कहा कि सरकारी बंगले का मैं हकदार हूं। सरकार ने बंगला दिया तो मुझ पर भाजपा का ठप्पा लगा दिया। जनता कहे तो बंगला ठुकरा दूंगा, मैं तो झोपड़ी में रहने वाला हूं। उन्होंने कहा कि सेकुलर पार्टियां साथ आएं तो भाजपा का डटकर मुकाबला करेंगे।  प्रसपा की रैली में भारी भीड़ उमड़ी, जिसे शिवपाल यादव गदगद हो गए। रैली के मंच पर शिवपाल के पुत्र आदित्य यादव, सिरसागंज के सपा विधायक हरिओम यादव, उनके पुत्र विजय प्रताप सिंह उर्फ छोटू यादव और प्रसपा जिलाध्यक्ष समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।