बरसाने में छाया होली का रंग, जुटने लगे श्रद्धालु

मथुरा | बरसाना में लठामार होली से पूर्व बुधवार को सुबह होली का रंग छाया रहा। न केवल राधा रानी के मंदिर बल्कि रंगीली गली और अन्य स्थानों पर होली के गीत गाते हुए श्रद्धालु झूमते रहे। बुधवार सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु बरसाना पहुंचने लगे हैं। राधा रानी के मंदिर में होली का रंग और गुलाल उड़ रहा है। रंग गुलाल उड़ाते श्रद्धालु जयकारे लगा रहे हैं। राधा रानी मंदिर की ओर जाने वाला मार्ग श्रद्धालुओं से भरा हुआ है और हर ओर रंग गुलाल उड़ रहा है।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर होने वाली लठामार होली करीब चार दशक पूर्व प्रारंभ हुई थी। तब यह होली दो दिन की होती थी। पहले दिन ध्रुव व भक्त प्रह्लाद की लीला का मंचन होता था और दूसरे दिन होली के सांस्कृतिक कार्यक्रम होते थे। करीब सात वर्ष बाद यह आयोजन एक दिन का हो गया। अब इस लठामार होली की अपनी अलग पहचान है।

जय श्रीकृष्ण लठामार होली समित के अध्यक्ष किशोर भरतिया बताते हैं कि 1978 में उनके साथ बाबूलाल बजाज, जय किशोर बजाज, प्रेमचंद सुनार, बुलाकी दास वर्मा, राधारमन ब्रह्मचारी, बांकेलाल कनौडिया आदि श्रीकृष्ण जन्मस्थान के केशवदेव मंदिर में दर्शन करने आते थे। उस समय रंगभरनी एकादशी के दिन जन्मस्थान पर होली के आयोजन करने की भूमिका तैयार हुई। तब जतीपुरा से छड़ीमार हुरंगा खेलने वाले महिला-पुरुषों तथा कुछ स्कूलों के बच्चों लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रम व ध्रुव-प्रह्लाद की लीला का आयोजन शुरू किया गया।