सुरक्षा हटते ही बड़ा दिनेश गुर्जर और अतुल प्रधान की जान को खतरा

लखनऊ | उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद कई सपा नेताओं की मुश्किलें ज्यादा हो गई हैं | योगी सरकार द्वारा सुरक्षा वापिस लिए जाने से पश्चिमी यूपी के कई दिग्गज नेताओं की जान का खतरा बड गया है | हालात यह हैं कि पश्चिमी यूपी के यह दिग्गज सुरक्षा कारणों की वजह से निजी कार्यक्रमों में जाने से भी परहेज कर रहे हैं | ख़ुफ़िया सूत्रों की माने तो पश्चिमी यूपी के दो गुर्जर नेताओं की जान को खतरा ज्यादा है, यह दोनों नेता ही समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए हैं | दोनों नेताओं की सुरक्षा भाजपा सरकार ने हटा ली है | सुरक्षा हटने से इन नेताओं की सक्रियता भी कम हो गयी है |

निजी कार्यक्रमों मे भी जाने से बच रहे दिनेश गुर्जर-

अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष और पश्चिमी यूपी की राजनीति में सक्रिय दिनेश गुर्जर समाजवादी पार्टी की स्थापना से सपा से जुड़े हैं | पश्चिम में उनका अपना सियासी कद है | सपा बुलंदशहर के जिलाध्यक्ष रहे दिनेश अब सपा के प्रदेश सचिव हैं | हालांकि दिनेश गुर्जर को पिछले लम्बे समय से शासन ने सभी सरकारों में सुरक्षा दे रखी है लेकिन अखिलेश सरकार ने उनको जान का खतरा देखते हुए वाई श्रेणी की सुरक्षा दे दी थी | भाजपा की सरकार आते ही दिनेश गुर्जर की वाई श्रेणी की सुरक्षा सरकार ने वापिस ले ली | सरकार द्वारा सुरक्षा वापिस लेने से दिनेश गुर्जर ने राजनैतिक सक्रियता के साथ साथ निजी कार्यक्रमों में भी आना जाना कम कर दिया है | सुरक्षा कारणों से दिनेश अब  अपने गुलावठी आवास से ही अधिकांश काम निबटा रहे हैं |  दरअसल पश्चिमी यूपी के कई माफिया दिनेश गुर्जर की सक्रियता से बैर रखते हैं और उनका राजनैतिक विरोध भी है | सूत्र बताते हैं कि उत्तराखंड की जेल मे बंद दादरी के विधायक की हत्या का आरोपी दिनेश के पीछे पड़ा है, वह  जेल से ही रणनीति बनाने में जुटा हुआ है | योगी  सरकार द्वारा  सुरक्षा हटाये जाने का असर दिनेश गुर्जर के कार्यक्रमों पर देखने को मिल रहा है | दिनेश ने सुरक्षा कारणों से राजनैतिक सक्रियता तो कम कर ही दी है साथ ही वह निजी कार्यक्रमों में भी कम जा रहे हैं |

बड़े दिग्गजों की आँखों में खटक रहे हैं अतुल प्रधान –

मेरठ की छात्र राजनीती से निकलकर यूपी में अलग पहचान रखने वाले अतुल प्रधान भी गुर्जर समुदाय से आते हैं | अखिलेश के करीबी अतुल प्रधान सरधना से संगीत सोम के सामने विधायक का चुनाव हार गए हैं | उनकी पत्नी सीमा प्रधान मेरठ की जिला पंचायत अध्यक्ष हुई  जिन्होंने भाजपा की सरकार आने के बाद इस्तीफ़ा दे दिया है | अतुल प्रधान सपा के बड़े नेताओं में शुमार हैं | पश्चिमी यूपी की राजनीति में तेजी से उभरे अतुल प्रधान बड़े बड़े दिग्गजों की आँखों में खटकते हैं | मेरठ में भाजपा के संगीत सोम और सपा के ही एक पूर्व मंत्री से उनका छत्तीस का आंकड़ा किसी से छिपा नहीं है | अखिलेश सरकार ने अतुल को भी वाई श्रेणी की सुरक्षा दी थी जिसे योगी सरकार ने वापिस ले लिया है | अतुल प्रधान का भी बड़े स्तर पर राजनैतिक विरोध है जिससे उन्हें जान का खतरा बना हुआ है | सूत्रों कि माने तो ख़ुफ़िया एजेंसियों ने भी उनकी जान को खतरे के इनपुट शासन को भेज दिए हैं | सुरक्षा कारणों से अतुल भी कम  सक्रिय दिखाई दे रहे हैं

दिनेश गुर्जर और अतुल प्रधान की सुरक्षा हटने से दोनों के कार्यक्रमों पर काफी असर पड़ा है | पुलिस से जुड़े सूत्र कहते हैं कि दोनों की सुरक्षा के लिए शासन को अवगत कराया गया है | अब देखना यह है कि क्या योगी सरकार गुर्जर समुदाय से ताल्लुक रखने वाले दोनों दिग्गजों को सुरक्षा वापिस देती है या नहीं |