SC से मोदी सरकार को झटका, निजता का अधिकार है मौलिक अधिकार

नई दिल्ली | सुप्रीम कोर्ट ने आज एक ऐतिहासिक फैसले में कहा कि निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है। 9 सदस्यों की पीठ ने सर्वसम्मति से यह फैसला किया। अदालत ने कहा कि निजता के अधिकार का हनन करने वाले कानून गलत हैं। इस फैसले को मोदी सरकार के लिए झटका माना जा रहा है क्योंकि सरकार ने अधिकतर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया है साथ ही पैन कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने को भी अनिवार्य कर दिया गया है। इस मामले में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता में संवैधानिक पीठ ने इस मसले पर 6 दिनों तक मैराथन सुनवाई की थी। जिसके बाद 2 अगस्त को पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था।

अदालत के इस फैसले के बाद माना जा रहा है कि आधार कार्ड योजना पर असर पड़ सकता है क्योंकि नागरिक अपनी निजी सूचनाएं देने से इंकार कर सकते हैं। माना जा रहा है कि अब एक अलग पीठ गठित की जायेगी जो आधार कार्ड और सोशल मीडिया में दर्ज निजी जानकारियों के डेटा बैंक के बारे में फैसला लेगी। उल्लेखनीय है कि आधार योजना को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं की दलील है कि बायोमीट्रिक डाटा और सूचनाएं एकत्र करने से उनके निजता के अधिकार का हनन होता है।