प्रद्युम्न मर्डर केस: SC ने केंद्र, हरियाणा सरकार,और HRD को भेजा नोटिस, 3 सप्‍ताह में मांगी रिपोर्ट

सर्वोच्च न्यायालय ने रेयान इंटरनेशनल स्कूल के एक सात वर्षीय छात्र की हत्या मामले में केंद्र, मानव संसाधव विकास मंत्रालय और हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है। शीर्ष अदालत ने पीड़‍ित के पिता के याचिका पर तीन सप्‍ताह के भीतर जवाब मांगा है। मृतक के पिता की सीबीआई जांच की मांग को हरियाणा सरकार ने स्‍वीकार कर लिया है। अदालत से निकलकर पीड़‍ित के पिता वरुण ठाकुर ने कहा, ”सुप्रीम कोर्ट में पूरा विश्‍वास है और हरियाणा सरकार से सकरात्‍मक जवाब मिला है।” स्कूल के शौचालय में आठ सितंबर को सात वर्षीय प्रद्युम्न का शव मिला था। उसका गला रेता गया था और उसके शव के पास से एक चाकू मिला था। इससे पहले हत्या के विरोध में स्कूल के बाहर हो रहे प्रदर्शन को कवर कर रहे पत्रकारों पर बल प्रयोग करने के मामले में सोमवार को एक पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “सोहना पुलिस थाना प्रभारी, इंस्पेक्टर अरुण कुमार को काम में चूक को लेकर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।”

मामले में स्कूल के दो वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “स्कूल के उत्तरी भारत प्रमुख फ्रांसिस थॉमस और कोऑर्डिनेटर और एचआर प्रमुख को रविवार रात किशोर न्याय अधिनियम (जेजेए) की धारा 75 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।”

स्कूल प्रबंधन पर भी किशोर न्याय अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आठ सितंबर को पुलिस ने स्कूल बस कंडक्टर अशोक कुमार को प्रद्युम्न की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था, लेकिन बहुत से लोगों का मानना है कि उसे बलि का बकरा बनाया गया है। इस शख्स के परिवार वालों ने भी यह दावा किया कि वह गरीब है इसलिए उसे झूठे आरोप में फंसाया गया है। वहीं, रविवार को स्कूल के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें नौ पत्रकारों और फोटो पत्रकारों सहित करीब 50 लोग घायल हो गए