SC ने जस्टिस कर्णन की मानसिक जांच के दिए आदेश

नई दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस सी. एस. कर्णन की मानसिक हालत की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड के गठन के आदेश दिए हैं। साथ ही मेडिकल बोर्ड को 5 मई को कर्णन की जांच कर 8 मई को रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस कर्णन पर अवमानना मामले में सुनवाई चल रही थी। जस्टिस कर्णन ने 20 जजों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ अवमानना का मामला दर्ज किया था।  कोलकाता का सरकारी अस्पताल इस बोर्ड का गठन करेगा। कोर्ट ने साथ ही जस्टिस कर्णन की स्वास्थ जांच में मदद करने के लिए राज्य के डीजीपी को एक पुलिस अधिकारियों की एक टीम बनाने का निर्देश दिया गया है।
उल्लेखनीय है जस्टिस कर्णन ने 13 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जे. एस. खेहर और 7 जजों को 28 अप्रैल को अपनी अदालत में पेश होने को कहा था। इसके बाद उन्होंने 28 अप्रैल को दिल्ली स्थित एयर कंट्रोल अथॉरिटी को निर्देश दिया था कि केस खत्म होने तक चीफ जस्टिस और सुप्रीम कोर्ट 7 अन्य जजों को देश के बाहर यात्रा करने की इजाजत न दी जाए। जस्टिस कर्णन ने यह आदेश अपने घर रोजडेल टावर्स, न्यू टाउन पर ही शिफ्ट की गई अदालत में पास किया था।
दरअसल, जजों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने पर सुप्रीम कोर्ट के 7 जजों ने स्व-संज्ञान लेते हुए जस्टिस कर्णन के खिलाफ अदालत की अवमानना का आदेश जारी किया था। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस कर्णन के खिलाफ जमानती वारंट भी जारी किया था। इसके बाद जस्टिस कर्णन ने अनुसूचित जाति/जनजाति (प्रताड़ना से संरक्षण) अधिनियम का उल्लंघन करने के आरोप में इनके खिलाफ समन जारी किया था।
इधर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जस्टिस कर्णन 31 मार्च को पेश हुए थे। कोर्ट में पेश होने से पहले जस्टिस कर्णन ने कहा था कि वह तभी माफी मांगेंगे, जब उनकी जूडिशल और प्रशासनिक कार्य बहाल किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस कर्णन द्वारा भ्रष्टाचार के आरोपों पर 4 हफ्ते के अंदर जवाव मांगा था और उन्हें 1 मई को कोर्ट में पेश होने को कहा था।
-एजेंसी