सावरकर ने अपनी किताब में कहा था गोमांस खाने में कोई बुराई नहीं: दिग्विजय सिंह

भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि वीर सावरकर ने अपनी किताब में लिखा है कि गोमांस खाने में कोई परहेज नहीं है। उन्होंने यह भी लिखा है कि गाय ऐसा पशु है जो खुद अपने मल में लेट लेती है। वह कहां से हमारी माता हो सकती है। उसका मांस खाने में कोई खराबी नहीं है।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह देश विविधताओं का देश है। यहां ऐसे भी हिंदू है जो गोमांस खाते हैं और कहते हैं कहां लिखा है गोमांस ना खाया जाए। दिग्विजय सिंह ने कहा कि सावरकर ने अपनी किताब में लिखा है कि हिंदू धर्म का हिंदुत्व के साथ कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि सावरकर बीजेपी और संघ के विचारक हैं। यहां कितने लोगों को सावरकर की इस बात के बारे में पता है, हाथ उठाओ। फिर उन्होंने सवाल किया कि अब यह बात भाजपा और संघ के नेताओं के सामने कहोगे या नहीं।

उधर, सोशल मीडिया पर लोगों को उनका ये बयान रास नहीं आया। तेजपाल ने लिखा- इसकी सुन लो, जब मुह खोलता है तो उल्टा ही बोलता है। एक ने कहा- कुछ तो बात है इसमें जो साध्वी प्रज्ञा ने भी हरा दिया था इसको। एक ने पूछा कि इसका मतलब जो गौ मांस खाते हैं वह हिंदू है और जो बहुत सारे नहीं खाते गाय को माता मानते है। वह हिंदुत्व है। गौतम ने लिखा- इतनी बकवास करने की आज़ादी केवल हिन्दू धर्म ने ही दी है, किसी ओर धर्म के लिए ऐसा बोला होता तो अब तक “सर तन से जुदा” हो चुका होता।

अभिषेक ने तंज कसते हुए कहा- बस ऐसे हीं भाषणबाजी चालू रखिए दिग्विजय जी। आपको पता नहीं है कि आपके ये मीठे बोल देश के लिए कितने लाभकारी हैं। आरके पांडेय ने लिखा- इनके तो ऐसे हैं कभी सावरकर गद्दार है कभी इनके भगवान है खुद को ही समझ नही आ रहा कि क्या करें। रोहित सेतिया ने लिखा- आपकी अपनी कोई विचारधारा तो है नहीं। एक व्यक्ति के तौर पर आप नाकाम हो चुके हो। शायद इसलिए आपने चुनाव लड़ना छोड़ दिया।

त्रिवेंद्र सिंह ने गुस्से में बिफरते हुए लिखा- हमेशा हिंदुओं को बदनाम करना कांग्रेसियों की रीति है। मन करता है इसी का चुनाव चिन्ह इसके मुंह पर मार दूं। एक ने तंज कसते हुए कहा कि ज्यादातर काम तो पप्पू ने कर ही दिया हैं #CongressMuktBharat का, बाकी तुम लोग जी जान से लगे ही हुए हो।