अलीगढ के टप्पल क्षेत्र में स्टेडियम के लिए सौरभ चौधरी की हर गांव दस्तक !

खेल और शिक्षा दोनों ही युवाओं की रीढ़ है और भारत सबसे युवा देश है जहां लगभग 65 फीसदी युवा रहता है। यह सब के बावजूद आजादी के 73 वर्ष बाद भी देश का युवा अपने मूलभूत अधिकारों को हासिल करने के लिए आंदोलन की राह टोहते हुए देखे जाते है | बेहतर शिक्षा के लिये अलीगढ़ के छात्रनेताओं ने 9 वर्ष तक एक नए राज्य स्तरीय विश्वविधालय की स्थापना हेतु आंदोलन चलाया तब कही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अलीगढ़ के लाखों छात्रों की दरकार पर राजा महेन्द्रप्रताप सिंह विष्वविधालय दिया | पिछली सरकारों ने तो सघर्षरत छात्रनेताओं पर 16 फर्जी मुक़द्दमे लगा दिए ।

टप्पल के गांव बजौता की कबड्डी और खो-खो की खिलाड़ी ज्योति ने छात्रनेता सौरभ चौधरी को पत्र लिख कर शिक्षा के साथ-साथ खेल को महत्वपूर्ण बताते हुए एक स्पोर्ट्स स्टेडियम की स्थापना हेतु आंदोलन करने का निवेदन किया जिसको सौरभ चौधरी ने विश्वविधालय की मांग को पूर्ण होने के बाद टप्पल ब्लॉक में स्पोर्ट्स स्टेडियम की स्थापना हेतु गांधी नीति को अपनाकर आंदोलन की शुरुआत कर दी है | गांव-गांव हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से मुहिम को मजबूती प्रदान की जा रही है | अब तक करीब पल्सेडा, कुराना, खेड़िया बुजुर्ग, रंजीतगढ़ी, जट्टारी, खेड़िया खुर्द,खेड़ा किशन, लंगोट गढ़ी, बजौता, मौर, मादक, जलालपुर, नगलिया, इतवारपुर सहित अन्य गांव शामिल है |

अलीगढ जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर ब्लॉक टप्पल में लगभग 70 गांव है | जहां 3 लाख से ज्यादा जनसख्या है और डेढ़ लाख युवा व 10 हजार खिलाड़ी है | अधिकांश आबादी खेती और मजदूरी पर निर्भर है। यहां के युवाओं में सेना में शामिल होने की सबसे ज्यादा प्रबल इक्षा रहती है जो स्पोर्ट्स स्टेडियम के अभाव में मजबूरन सड़क पर ही अपनी दौड़ आदि की तैयारी करते है सौरभ चौधरी द्वारा स्टेडियम के लिए चलाए जा रहे आंदोलन में युवाओं की बड़ी तादात में लामबंदता देखी जा रही है ,सौरभ प्रत्येक दिन सुबह को अलीगढ़ से बस में बैठकर टप्पल-जट्टारी तक पहुचते है फिर वहां से किसी युवा साथी की मदद से गांवो तक का सफर मोटरसाइकिल से पूरा करते है और ग्रामवासियों को आंदोलन से जोड़ते है |

इस महत्वपूर्ण मुहिम को अनिश्चित काल तक लड़ने की भूमिका है जिसमे दिसंबर मे कई गांवों की हजारों की भीड़ के साथ ब्लॉक मुख्यालय पर धरना दिया गया। 6 फरबरी 2020 को एकजुटता सम्मेलन में हजारों लोगों का जमावड़ा होगा जहां महा हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जाएगा जहां प्रशासनिक अधिकारियों को मांग पत्र के साथ हस्ताक्षर वाला वैनर सौपा जाएगा। और वाहन रैली, सम्मेलन ,पैदल संदेश यात्रा जैसे कार्यक्रम भी शामिल है।

सौरभ चौधरी ने कहा कि आजादी के 73 वर्ष बीत जाने के बाद भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव देश को कमजोर साबित करता है जिसमे शिक्षा और खेल जैसे संसाधनों के लिए आंदोलन दुर्भाग्य पूर्ण है,मैं सुबह को अपनी जन्म जननी के चरणों को चूमकर युवाओ के हित की लड़ाई लड़ने के लिए निकलता हूँ और केवल जीत ही मेरा मुख्य लक्ष्य होता है |