साहब ! त्रिपुरा जीत गए, नागालैंड जीत गए, 20 राज्यों में सरकार है, अब बताओ अच्छे दिन कब आयेंगे ?

त्रिपुरा, नागालैंड सहित 20 राज्य जीतने के बाद अब पीएम मोदी और भाजपा से लोग अच्छे दिन लाने की मांग कर रहे है | यूपी के संभल जिले के नौजवान लेखक जीतपाल सिंह यादव ने पीएम मोदी को संबोधित एक पत्र लिखा है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है | पढ़िए यह पत्र-

एक सबाल देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री जी से – साहब त्रिपुरा जीत गये, नागालैंड जीत गये 20 राज्यों में सरकार बना दी जनता ने लेकिन साहब अब यह बताओ अच्छे दिन कब आयेंगे?

आदरणीय, होली मनाओ, दीवाली मनाओऔर ईद भी मनाओ। पर यह बताओ जो भूख से तड़प कर मर रहे हैं, जो तंगहाली के चलते आत्म हत्या कर रहे हैं। जिनकी बहन, बेटियों की इज्जत लूटकर जिन्दा जलाया जा रहा है, जिन 60 परिवारों के बच्चे कुछ लाख रूपये खर्च न करने के कारण ऑक्सीजन के लिए अस्पताल में मर गये और आप कहीं जीत की तो कहीं होली की खुशी करोड़ों रुपये खर्च करके मना रहे हो। मनाओ खूब मनाओ और यह जीतपाल सिंह यादव आर्यवर्त तुम्हें बधाई भी देता है पर साहब एक सवाल देश के वेरोजगार युवाओं को हर साल 2 लाख के हिसाब से 8 लाख रोजगार कब मिलेंगे ?

साहब जब आप विदेशों में घूमते हो। जब किसी जिहादी मुल्क के प्रधानमंत्री की माँ को साल भेंट करते हो अच्छा लगता है। पर साहब जिन माँओं के लाल रोज उसी मुल्क के जिहादियों की गोली से मारे जाते हैं। उन्हें इंसाफ कब मिलेगा ? साहब एक सवाल और – हमारे प्रधानमंत्री का सीना 56 इंच का है। बहुत खुशी होती है पर उसमें आत्मा है ही नहीं। यह मैं नहीं कहता साहब आप ही एक के बदले दस सिर लाने की बात करते थे और अब तक लगभग हिन्दुस्तान के 200 सिपाहियों के सिर पाकिस्तान जा चुके । साहब 2000 सिर कब आयेंगे?
क्यों तिल तिल मार रहे हो?

नहीं चाहिए हमें वो 56 इंची जिसमें नामर्दता की बू आती हो। हमें तो 26 इंची लालबहादुर शास्त्री जैसा खुद्दार और देश का रक्षक चाहिए । नहीं चाहिए हमें दस सिर हमें सिर्फ अपना स्वाभिमान चाहिए वो स्वाभिमान जो भगतसिंह ने सिखाया था, सुभाष चंद्र बोस ने सिखाया था, राजगुरू ने सिखाया था, चन्द्रशेखर आजाद ने सिखाया था। ईंट का जवाब पत्थर से दो। खोल दो हमारी आर्मी के हाथ सिर्फ 24 घंटों के लिए फिर देखो कोई हिसाब बाकि नहीं रहेगा। पर आप ऐसा नहीं करोगे। आप स्वार्थी हो, अम्बानी और नीरव जैसों के चमचे हो। जो वो कहेंगे आप बैसा ही करोगे। साहब अगर बुरा लगा हो तो अपनी गलती का अहसास करना। मैं क्यों क्षमा याचना करूँ। मैं तो सत्य लिखुंगा और रोज लिंखुंगा। अगर आपको बुरा लगे तो अपने बयानों और वायदों को पूरा करो आपकी भक्त मण्डली में एक संख्या और बढ़ जायेगी
– धन्यवाद
जीतपाल सिंह यादव आर्यवर्त ।