अलीगढ में RLD ने खोला BJP की जीत का रास्ता, मेरठ के प्रांतीय नेता ने लिखी स्क्रिप्ट, कई नेताओं पर अब कार्यवाही की तलवार

अलीगढ | अतिउत्साह में कहें या मेरठ से आये एक प्रांतीय नेता की पूरी प्लानिंग, जो भी हो लेकिन राष्ट्रीय लोकदल ने 2019 उपचुनाव के बाद एकबार फिर भाजपा को जिताने का रास्ता साफ़ कर दिया है | रालोद को बड़ा झटका लगाते हुए हाल ही में रालोद में शामिल हुए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर चौधरी ने अंदरूनी भाजपा को समर्थन दे दिया है और अध्यक्ष न लड़ने का एलान किया है | जिला पंचायत अध्यक्ष की कवायद में जुटे रालोद को यह बड़ा झटका लगा है | सुधीर की पत्नी जिला पंचायत सदस्य बनी हैं। गत दिनों एक वायरल हुए फोटो से सुधीर शक के घेरे में आ गए हैैं। फोटो में वे भाजपाइयों के साथ हैैं। इसको लेकर रालोद की अनुशासन समिति के प्रदेश अध्यक्ष धर्मवीर सिंह बालियान ने उन्हें कारण बताओ नोटिस दिया है। हालाँकि सूत्रों का कहना है कि सुधीर ने आधिकारिक रूप से रालोद की सदस्य्ता ही नहीं ली थी सिर्फ फोटो किया गया था | रालोद ने युवा नेता अमित ठेनुआ और प्रदीप चौधरी को भी कारण बताओ नोटिस दिया है |

खबर है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष बदन सिंह व प्रदेश संगठन मंत्री डा. राजकुमार सांगवान ने 28 मई को सुधीर चौधरी, जिला पंचायत सदस्य सुलेखा चौधरी के पति हरचरण सिंह, दुर्गेश कुमार दिवाकर को फिर से रालोद की सदस्यता दिलाई थी। सूत्रों के अनुसार सदस्यता लेने के बाद सुधीर ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी से मुलाकात की थी। इनके साथ कई जिला पंचायत सदस्य मौजूद थे। इनमें शामिल कुछ महिला सदस्यों के पति भी थे। जयंत ने जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी तय करने के लिए स्थानीय नेताओं को अधिकार दिए हैैं। सियासी गलियारों में चर्चा है कि सुधीर ने जयंत का हवाला देकर रालोद समर्थित जिला पंचायत सदस्यों को एकत्रित किया। इस दांव से रालोद के वरिष्ठ नेता बेखबर रहे।

सदस्यों को एकत्रित कर एक भाजपा नेता के फार्म हाउस पर बुलाया गया और वहीँ भाजपा के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार को समर्थन दिवा दिया | अब रालोद ने आनन फानन में कारण बताओ नोटिस जारी किया है लेकिन अब रालोद जिला पंचायत अध्यक्ष पद की लड़ाई से पिछड़ गया है | लोगों में चर्चा है कि रालोद के एक प्रांतीय नेता जो मेरठ से आये थे ने भाजपा की जीत की राह आसान की है | सूत्रों का यह भी कहना है कि प्रांतीय नेता के इशारे पर ही रालोद को झटका देने का प्लान तैयार किया गया था | यह अलग बात है कि अभी तक प्रांतीय नेता पर कोई एक्शन नहीं लिया गया है | रालोद से जुड़े एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मेरठ के एक प्रांतीय नेता ने अचानक आकर जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में पार्टी का खेल बिगाड़ दिया | उस नेता न स्थानीय नेताओं से कोई सलाह मशविरा नहीं किया और सीधे आकर सुधीर चौधरी की जॉइनिंग करवा दी |