शिक्षा व्यवस्था पर RLD ने योगी सरकार पर बोला हमला, उठाये ये बड़े मुद्दे-

लखनऊ । राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश प्रवक्ता सुरेन्द्र नाथ त्रिवेदी ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने तीन वर्ष के कार्यकाल में बेसिक और माध्यमिक शिक्षकों की नियुक्तियां न करने की अकर्मण्यता को आनलाईन शिक्षा के शिगूफा से छिपाने की साजिश कर रही है जबकि यूपी बोर्ड के छात्रों को कभी भी इस प्रकार की शिक्षा के लिए प्रेरित तक नहीं किया गया। प्रदेश के शिक्षा मंत्रियों को इस प्रकार की तैयारियों का निर्देश देने से पहले विभाग की अव्यवस्था से मुँह नहीं मोड़ना चाहिए।माध्यमिक शिक्षा के लगभग 60000 शिक्षकों तथा बेसिक शिक्षा के लगभग 1,50000शिक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं।सरकार ने इन्हें भरने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।

श्री त्रिवेदी ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। पूर्व सरकार द्वारा की गई शिक्षा मित्रों की व्यवस्था को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निरस्त किए जाने के बाद सरकार ने प्रदेश के नौनिहालों की ओर से मुँह मोड़ लिया और बेरोजगार हुए शिक्षा मित्रों के पक्ष में पुनर्विचार याचिका तक दाखिल नहीं की और बेसिक शिक्षा को अन्धकार से ग्रस्त कर दिया।वास्तविकता यह है कि समस्त शिक्षा का आधार बेसिक शिक्षा ही है। सरकार के अभी तक के कार्यकाल में सत्र प्रारम्भ होने के महीनों बाद पाठ्य पुस्तकें प्रकाशित कराई गई जो प्रामाणिक रूप से बेसिक शिक्षा की अवहेलना है।।

रालोद प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि सरकार आनलाईन शिक्षण प्रारम्भ कराने से पूर्व सभी छात्र एवं छात्राओं को स्मार्ट फोन तथा लैपटॉप वितरित करे और शिविर के माध्यम से आनलाईन शिक्षण के लिए प्रशिक्षण दिया जाय क्योंकि इस प्रकार के शिक्षण के प्रति यूपी बोर्ड के छात्र अनभिज्ञ हैं। विशेष रूप से राजकीय कालेजों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के कालेजों में पढ़ने वाले छात्रों का भविष्य इस व्यवस्था से अवश्य डगमगा जायेगा यदि व्यवस्था सुचारु रुप से नहीं की गई। परिणाम यह होगा कि प्रतिस्पर्धा के दौर में यूपी बोर्ड के छात्र पिछड़ जायेंगे और सरकार अपनी पीठ स्वयं थपथपा कर कहेगी कि शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक कर दिया।