राजभर का इस्तीफा CM योगी ने किया नामंजूर, गठबंधन पर अमित शाह से मुलाकात में होगी चर्चा

लखनऊ | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के मंत्री ओम प्रकाश राजभर से शुक्रवार की रात को करीब घंटे भर बात की। राजभर की शिकायतों को गंभीरता से सुना। इस बातचीत के दौरान राजभर द्वारा पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का प्रभार वापस करने की पेशकश को मुख्यमंत्री ने खारिज कर दी। 

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति के मद में कम बजट जारी करने, पिछड़ों के 27 फीसदी आरक्षण को तीन हिस्सों में बांटने के लिए सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट को लागू करने और पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन में उनके द्वारा दी गई सूची से एक भी नाम नहीं शामिल करने का मुद्दा उठाया। छात्रवृत्ति के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव एसपी गोयल को बुलाया और उनसे विस्तार से जानकारी मांगी। मुख्यमंत्री ने अन्य मुद्दों पर राजभर को समझाने की कोशिश की। वार्ता के दौरान संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना भी उपस्थित रहे। 


सूत्र बताते हैं कि मंत्री ओम प्रकाश राजभर की मुलाकात अब बहुत जल्द भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से होगी। अमित शाह के सामने वह अपनी दिक्कतों को रखेंगे। इस बाबत पूछे जाने पर मंत्री राजभर ने बताया कि उन्होंने अपनी सारी दिक्कतों से मुख्यमंत्री को अवगत करा दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात होने पर उनके सामने भी अपनी शिकायतें मजबूती से रखेंगे। सूत्र बताते हैं कि मंत्री राजभर की शिकायतें और मांगों पर अब अंतिम फैसला भाजपा अध्यक्ष अमित शाह करेंगे। 19 फरवरी की रात में राजभर को अमित शाह से मिलने का समय मिला है। यह भी बताया जाता है कि प्रदेश सरकार के एक उप मुख्यमंत्री भी राजभर के साथ दिल्ली जाएंगे। इस मुलाकात में बहुत कुछ तय होने के आसार हैं। राजभर की पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण राजभर का कहना है कि 24 फरवरी से पहले भाजपा नेतृत्व ने पार्टी की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो पार्टी नये विकल्पों पर विचार करेगी। अरुण के मुताबिक महागठबंधन और कांग्रेस के साथ भी चुनाव में जाने का फैसला किया जा सकता है।