भाजपा सांसद ने कहा राज्य सभा ने कामकाज रोकने और देश को गंभीर नुकसान पहुंचाने के सिवा कुछ नहीं किया

रोहतक (हरियाणा)। कुरूक्षेत्र से भाजपा सांसद राज कुमार सैनी ने कहा है कि राज्य सभा ने विधायी कामकाज रोकने के सिवा कुछ नहीं किया है और देश को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने इसे खत्म करने की मांग की। जाट आरक्षण के खिलाफ बयान देने को लेकर अक्सर खबरों में रहने वाले सैनी ने कहा कि उच्च सदन किसी उद्देश्य की पूर्ति नहीं करता क्योंकि इसके सदस्य सीधे तौर पर निर्वाचित नहीं होते और इसलिए यह लोगों के प्रति जवाबदेह नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा के उलट लोकसभा के सदस्य सीधे तौर पर चुने जाते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सभा एक राजनीतिक अखाड़ा बन गया है और इसके सदस्य अपने मन मुताबिक काम करते हैं। सैनी ने दावा किया, ‘‘मैंने उच्च सदन की कार्यवाही देखी है और महसूस किया कि इसने कामकाज रोकने और देश को गंभीर नुकसान पहुंचाने के सिवा कुछ नहीं किया है।’’ उन्होंने कहा कि राज्य सभा में अक्सर पार्टी से वैसे सदस्य होते हैं जो विभिन्न चुनाव में हारे होते हैं, या राजनीतिक परिवारों से होते हैं या पैसों के बूते उसमें प्रवेश पाते हैं और वे अहम विधेयकों को पारित नहीं होने देते। उन्होंने कहा कि यह सत्ता में मौजूद पार्टी के कामकाज को प्रभावित करता है।

सैनी ने कहा, ‘‘मैं मोदी जी (प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी) से हाथ जोड़कर अनुरोध करता हूं कि राज्य सभा को तत्काल प्रभाव से खत्म कर देना चाहिए।’’ उन्होंने दावा किया कि राज्य सभा में विधायी कार्यों को रोक कर विपक्ष यह संदेश भेजना चाहती है कि सरकार नाकाम है और इस तरह उनका लक्ष्य राजनीतिक लाभ हासिल करना है। उन्होंने कहा कि वे लोग राज्य सभा को अपने राजनीतिक हितों को आगे बढ़ाने के औजार के रूप में इस्तेमाल करते हैं..उनका काम सरकार के लिए बाधाएं पैदा करना है। सैनी ने जाटों को ओबीसी श्रेणी में शामिल करने की मांग पर कहा कि यह व्यवस्था का मजाक है कि जो लोग काफी समृद्ध हैं और जिनके पास सारे संसाधन हैं, वे आरक्षण की मांग कर रहे हैं। उन्होंने यहां परशुराम जयंती समारोह के तहत एकत्र लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि लोगों को बंदूक के भय से ओबीसी श्रेणी में शामिल किया जाएगा तो यह लोकतंत्र की हत्या के समान होगा।