राजस्थान में बना तीसरा मोर्चा, हनुमान बेनीवाल ने बनाई RLP पार्टी, रालोद और सपा-BVP का मिला साथ, भाजपा-कांग्रेस को हराने उमड़े लाखों किसान

जयपुर । राजस्थान के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और सत्ताधारी भाजपा की मुश्किलें बढ़ रही है । दोनों पार्टियों को मजबूत विपक्ष देने के लिए निर्दलीय विधायक और किसान नेता हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व में तीसरे मोर्चे का गठन हुआ है। जयपुर में हुई किसान हुंकार रैली में लाखों लोगों की भीड़ ने तीसरे मोर्चे के स्वर्णिम भविष्य और सफलता की गवाही दे दी है। वहीं खींवसर से निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल ने सोमवार को नये राजनीतिक दल ‘राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी’ की भी घोषणा की । किसान हुंकार रैली में हनुमान बेनीवाल के साथ रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूर्व सांसद जयन्त चौधरी और राजस्थान भाजपा के बागी नेता घनश्याम तिवाडी ने मंच पर पहुंचकर तीसरे मोर्चे को बल दे दिया है । वहीं सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के प्रतिनिधि के रूप में संजय लाठर भी जयपुर रैली में पहुंचे ।

जयपुर के मानसरोवर इलाके में आयोजित ‘किसान हुंकार महारैली’ में लोगों को संबोधित करते हुए बेनीवाल ने कहा, ‘‘प्रदेश में परिवर्तन निश्चित है और एक बड़ी पार्टी तो तीसरे स्थान पर जाएगी। वह पार्टी कांग्रेस होगी या भाजपा यह आने वाले कुछ दिनों में तय हो जाएगा।’उन्होंने कहा कि नयी पार्टी के लिए पांच बड़े मुद्दों में किसानों को पूर्ण कर्ज माफी, मुफ्त बिजली, सरकारी सेवाओं में खाली पड़े चार लाख पदों को भरना, युवाओं को 10,000 रुपये का बेरोजगारी भत्ता, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों का कार्यान्वयन व मजबूत लोकपाल का गठन है। उन्होंने कहा,‘‘दिल्ली के धन्नासेठों के तीन लाख करोड़ रुपये माफ हो सकते हैं तो प्रदेश के किसानों के 82,000 करोड़ रुपये के कर्ज की पूर्ण माफी भी हो सकती है।’’ उन्होंने वसुंधरा राजे को भूतनी और अशोक गहलोत को भूत बताया । भाजपा की सीएम वसुंधरा राजे पर हनुमान बेनीवाल ने जमकर तीर चलाये ।

बेनीवाल की इस रैली में मंच पर भाजपा के बागी नेता व भारत वाहिनी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी, राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी तथा समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य संजय लाठर, युवा रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष वसीम राजा सहित अनेक नेता मौजूद थे।

बताते चलें कि है कि वर्ष 2008 में भाजपा के टिकट पर खींवसर से विधायक चुने गए बेनीवाल की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से कभी नहीं बनी और वह अलग हो गए। साल 2013 में वह निर्दलीय जीते। राजस्थान में 200 विधानसभा सीटों पर सात दिसंबर को मतदान होना है।