राजस्थान : बाडमेर में लोन सुपरवाइजर रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

रमेशपुरी गोस्वामी/बाड़मेर |  बाड़मेर सेंट्रल को-आंपरेटिव बैंक में भ्रष्टाचार की बू  लम्बे  समय से आ रही थी। जिला कलेक्टर की अध्यक्षता वाले इस बैंक में व्यस्थापक मालामाल हो रहे थे, और किसान रो रहे थे। लेकिन, संबंधित जिम्मेदार बार-बार यही कह रहे थे कि भ्रष्टाचार सहकारिता के मूल्यों वाले इस बैंक में हो ही नहीं सकता। अब बाड़मेर के इस सहकारी बैंक के व्यवस्थापक ने ही अपने लोन सुपरवाइजर को एसीबी के जरिए रंगों हाथों गिरफ्तार करवा दिया है। सोमवार को जोधपुर से आईं एसीबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए ऋण पर्यवेक्षक को रंगों हाथों गिरफ्तार किया।
सुत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो(एसीबी) को बैंक की ही सहकारी समिति, गंगासरा के व्यवस्थापक गोपाराम पालीवाल ने प्रस्तुत होकर शिकायत की थी कि सेंट्रल को-आंपरेटिव बैंक कल्याणपुर के ऋण पर्यवेक्षक गुमानसिंह राजपुरोहित पुत्र हड़वंतसिह निवासी केलनकोट काम की एवज में रूपयों की मांग कर रहा है, इस शिकायत की पुष्टि की गई। सत्यापन होने पर एसीबी टीम ने सोमवार को इस ओपरेशन के लिए चुना।जैसे ही परिवादी गोपाराम पालिवाल, व्यवस्थापक बाड़मेर सेंट्रल को-आंपरेटिव बैंक गंगासरा ने पर्यवेक्षक को दस हजार रुपये की रिश्वत दी,एसीबी टीम ने ऋण पर्यवेक्षक गुमानसिंह को रंगे हाथ पकड़ लिया।
$टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया, अब एसीबी मामले में आरोपित ऋण पर्यवेक्षक गुमानसिंह से पुछताछ कर रही हैं