रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने की इस्तीफे की पेशकाश, पीएम ने इंतजार करने को कहा

नई  दिल्ली | रेल दुर्घटनाओ के बाद हो रही किरकिरी को देखते हुए आखिरकार सुरेश प्रभु ने इस्तीफे की पेशकश कर दी है | सोशल मीडिया पर रेल मंत्री के इस्तीफे को लेकर लोग तरह तरह के बयान दे रहे थे |  रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने हाल में हुई रेल दुर्घटनाओं की पूरी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर इस्तीफे की पेशकश की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने उनसे ‘इंतजार’ करने को कहा है। पिछले चार दिनों में दूसरी रेल दुर्घटना के बाद प्रभु प्रधानमंत्री से मिले और हादसों और अन्य हालात की ‘पूरी नैतिक जिम्मेदारी’ ली।

उन्होंने ट्वीट कर कहा, “प्रधानमंत्री ने मुझसे इंतजार करने को कहा है।” प्रभु ने हालांकि साफ तौर पर यह नहीं लिखा है कि उन्होंने इस्तीफे की पेशकश की है, लेकिन ट्वीट की उनकी भाषा को देखते हुए ऐसे अनुमान लगाए जा रहे हैं।  रेल मंत्री ने कहा, “मैं दुर्भाग्यपूर्ण हादसों से गहरे सदमे में हूं, जिनमें कई यात्रियों की जान गई और लोग जख्मी हुए हैं। इसने मुझे गहरा सदमा दिया है।” उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने जिस नए भारत की कल्पना की है, उसमें निश्चित रूप से रेलवे आधुनिक व सक्षम होनी चाहिए। मैं कहना चाहता हूं कि रेलवे उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।” प्रभु के अनुसार, उन्होंने ‘दशकों से उपेक्षित क्षेत्रों में खामियों को दूर करने की कोशिश की है, जिसके लिए व्यापक निवेश की जरूरत है।’ उन्होंने कहा कि रेल मंत्री के तौर पर अपने तीन साल से भी कम के कार्यकाल में ‘मैंने रेलवे की बेहतरी के लिए अपना खून-पसीना एक कर दिया।