पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड कश्मीर में ? दावा- सुरक्षाबलों के घेरे में हैं

जम्मू। पुलवामा में घातक आतंकी हमले के मास्टरमाइंडों को सुरक्षाबलों ने अपने घरे में ले लिया हुआ है। यह दावा उन सुरक्षाधिकारियों द्वारा किया जा रहा है जो हमले के बाद इनकी तलाश में जुटी हुए थे। इस बीच पुलवामा में हुए हमले में मृतकों की संख्या बढ़ने की भी रिपोर्टे सामने आ रही है। आधिकारिक तौर पर 49 मौतों की पुष्टि की गई है। नौ से दस के करीब शहीद जवानों की पहचान इसलिए नहीं हो पाई है क्योंकि उनके शरीर के पूर्ण टुकड़े ही नहीं मिल पाए हैं। इस बीच पुलवामा आतंकी हमले के विरोध में जम्मू में हुई हिंसा के बाद आज भी तनाव बना हुआ है। कर्फ्यू दूसरे दिन भी जारी रहा और सेना के साथ-साथ एयर स्पोर्ट को भी तैनात किया गया है।

पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड की तलाश तेज हो गई है। पम्पोर से पुलवामा के बीच इनके छिपे होने की आशंका जताई जा रही है। इस बीच एनआईए की टीम घटनास्थल पर दोबारा पहुंची है। बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू हो चुका है। सुरक्षा बलों को पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड राशिद गाजी और कामरान की तलाश है। कहा जा रहा है कि राशिद गाजी ने ही इस हमले में फिदायीन बने आदिल अहमद डार को विस्फोटक लगाने और उसे विस्फोट करने की ट्रेनिंग दी थी। गाजी आईईडी एक्सपर्ट माना जाता है। बताया जाता है कि दोनों को सुरक्षाबलों ने घेरे में ले लिया है लेकिन यह घेरा 25 किमी का है। सुरक्षाबलों ने 25 किमी तक के इलाके में घेराबंदी कर ली है।

पुलवामा हमले की जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दूसरे दिन भी घटनास्थल पर पहुंची। इस दौरान एनआईए टीम के साथ फरेंसिक टीम और सीआरपीएफ के डीजी आरआर भटनागर भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि फिलहाल जांच के पूरी होने पर ज्यादा जानकारी मिल पाएगी। कहा जा रहा है कि केरिपुब के काफिले की बस में हमले के लिए फिदायीन हमलावर ने 150 से 200 किलो आरडीएक्स का इस्तेमाल किया था। आगे की जांच के लिए फरेंसिक टीम ने सैंपल इकट्ठे कर लिए हैं। केरिपुब डीजी ने बताया कि मैं यहां घटनास्थल पर आया हूं। जैसा कि आप देख रहे हैं कि फरेंसिक और एनआईए की टीम यहां काम कर रही हैं। फिलहाल जांच की जा रही है और एक बार जांच पूरी होने के बाद ही अधिक जानकारियां सामने आ सकती हैं। 

इस बीच पुलवामा हमले के बाद विरोध प्रदर्शन को देखते हुए जम्मू में दूसरे दिन भी कर्फ्यू जारी है। इलाके में मोबाइल इंटरनेट सर्विस भी सस्पेंड कर दी गई है। भारतीय सेना ने संवेदनशील इलाके में फ्लैग मार्च भी किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि जम्मू यूनिवर्सिटी ने शनिवार को होने वाली सभी परीक्षाओं की तारीख आगे बढ़ा दी है। जम्मू-सांबा-कठुआ रेंज के डीआईजी विवेक गुप्ता ने बताया कि जम्मू क्षेत्र में कर्फ्यू अभी भी लगा हुआ है और अभी तक किसी तरह की कोई घटना की कोई खबर नहीं आई है। एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि शनिवार को 9 और सिक्यॉरिटी कॉलम में सेना को एयर सपॉर्ट के साथ पूरे शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया है। इससे पहले शुक्रवार को भी 9 सिक्यॉरिटी कॉलम में सुरक्षा की दृष्टि से सेना को तैनात किया गया था।