एएमयू की प्रवेश परीक्षा में इंडो-इस्लामिक सवाल पूछे जाने पर सियासत

उत्तर प्रदेश। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के कक्षा 11 की प्रवेश परीक्षा में इंडो-इस्लामिक से जुडे़ के कई सवाल पूछे जाने पर सियासत शुरू हो गई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के प्रदेश मंत्री बलदेव चौधरी सीटू ने कहा कि प्रवेश परीक्षा में इस्लामिक स्टडीज का अनिवार्य होना इस्लाम के प्रचार को बढ़ावा मिलता है।

सीटू चौधरी ने कहा कि एएमयू प्रशासन ने इसे नहीं हटाया तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद आंदोलन के लिए बाध्य होगी। भाजपा नेता डॉ. निशित शर्मा ने कहा कि एएमयू में सभी जाति व धर्म के विद्यार्थी प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इंडो-इस्लामिक सवाल पूछे जाने के संबंध में पत्र लिखा है। 

एएमयू के सुन्नी थियोलॉजी विभाग के मुफ्ती प्रो. जाहिद अली खान ने कहा कि डॉ. निशित शर्मा गलत बयानबाजी कर रहे हैं। एएमयू प्यार मोहब्बत का पैगाम देता है। वह अपने सियासी फायदे के लिए ऐसी फिजूल की बयानबाजी कर रहे हैं। रालोद नेता राजा भैया ने कहा कि डॉ. निशित शर्मा के पास कुछ मुद्दा बचा नहीं है। इसलिए ओछी बयानबाजी करके भाजपा से टिकट लेना चाहते हैं, जिसमें वह नाकाम रहेंगे।

एएमयू के छात्र अबू सैयद ने कहा कि एएमयू एक्ट 1920 सेक्शन 5 क्लॉज-2 को पढ़ना चाहिए, जिसमें इस्लाम को प्रमोट करने की बात का उल्लेख है। जबरदस्ती तब कह सकते थे, जब किसी को कुरान पढ़ाई जाती।