कमलेश तिवारी हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस का शिकंजा, जहर उगलने वाले 14 के खिलाफ FIR

लखनऊ | सोशल मीडिया के माध्यम से सांप्रदायिक सद्भाव भंग करने की कोशिश करने वाले 14 लोगों को चिह्नित कर आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। लखनऊ में सबसे अधिक चार मुकदमे, प्रयागराज और औरैया में 2-2 मुकदमे, हरदोई, अम्बेडकरनगर, प्रतापगढ़, देवरिया, सहारनपुर और हमीरपुर में एक-एक मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

डीजीपी मुख्यालय स्तर से फेसबुक और ट्विटर के 67 अकाउंट को ब्लॉक कराने के लिए रिपोर्ट भेजी गई है। एडीजी कानून व्यवस्था पीवी रामाशास्त्री ने बताया कि कमलेश तिवारी हत्याकांड के बाद से सोशल मीडिया पर भड़काऊ और आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में पुलिस महानिदेशक मुख्यालय के सोशल मीडिया सेल की मॉनिटरिंग के माध्यम से 14 एफआईआर दर्ज कराई गई है।

हो सकती है रासुका के तहत कार्रवाई-
पीवी रामाशास्त्री ने बताया कि ऐसे लोग जो सोशल मीडिया पर सुनियोजित रूप से नफरत फैलाने वाले पोस्ट कर रहे हैं उन्हें अलग से चिह्नित किया जा रहा है और उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साक्ष्यों के आधार पर रासुका के तहत भी कार्रवाई करने पर भी विचार किया जाएगा।