अलीगढ : केके हॉस्पिटल प्रकरण में पुलिस को क्लीनचिट, घटना के वायरल हुए थे कई वीडियो

अलीगढ | रामघाट रोड इलाके के केके हॉस्पिटल में 26 फरवरी को हुए घटनाक्रम की जांच में क्वार्सी पुलिस व इंस्पेक्टर छोटेलाल को क्लीन चिट मिल गई है। सीओ तृतीय के स्तर से की जा रही जांच अब अंतिम दौर में है और जल्द ही जांच रिपोर्ट आईजी को सौंप दी जाएगी। जांच रिपोर्ट में ही डॉक्टर व तीमारदारों की गलती स्पष्ट होगी।

वाकया 26 फरवरी की शाम का है, जब केके हॉस्पिटल में डॉक्टरों व तीमारदारों के बीच मारपीट हुई थी। खबर पर पहुंची पुलिस के सामने दोनों पक्षों में मारपीट हो रही थी। इस पर पुलिस बीचबचाव करते हुए डॉक्टर सहित दोनों पक्षों को पकड़कर थाने ले गई। इस दौरान डॉक्टर को धकियाते और पीटकर ले जाते हुए वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो को आधार बनाकर डॉक्टर गुस्से में आ गए थे। डॉक्टरों के गुस्से के चलते सिपाही गौरव को निलंबित कर दिया था। मगर डॉक्टरों ने अगले दिन शनिवार को हड़ताल करते हुए रामघाट रोड पर जाम व धरना दिया था, जिसमें उन्होंने इंस्पेक्टर के निलंबन सहित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की थी। उसी दिन इस मामले की जांच आईजी ने सीओ तृतीय को सौंपी थी। यह तय किया गया था कि सीओ जांच में पुलिस की गलती स्पष्ट करेंगे, उस आधार पर कार्रवाई होगी।

उसी शाम एक और वीडियो वायरल हुआ, जिसमें डॉक्टर व उनका स्टाफ मारपीट कर रहे हैं और पुलिस बीचबचाव कर रही है। उस वीडियो के आने के बाद डॉक्टरों ने फिर आईजी से मुलाकात की और हड़ताल वापस ली थी। इधर, इस मामले में जांच कर रहे सीओ तृतीय अनिल समानिया ने अब तक की जांच में यह पाया है कि पुलिस ने सूचना के आधार पर जो किया, वह सही था। पुलिस की भूमिका पूरे मामले में गलत नहीं है। अगर पुलिस ऐसा न करती तो शायद वहां कोई और बड़ा घटनाक्रम घटित हो सकता था। उन्होंने स्वीकारा कि पुलिस को क्लीन चिट दे दी गई है। जांच अंतिम दौर में है, जल्द ही रिपोर्ट आईजी को देंगे। आईजी पियूष मोर्डिया का कहना है कि अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। हां, फौरी जांच में यह जरूर साफ हो गया है कि पुलिस ने सही भूमिका निभाई थी। पुलिस की गलती स्पष्ट नहीं हुई। बाकी जांच रिपोर्ट मिलने पर निर्णय लिया जाएगा |