मेरे परिवार से भी रहे PM, लेकिन देश को नहीं दिला पाए मोदी जितना सम्मान: वरुण गांधी

लोकसभा चुनाव में सभी राजनीतिक दल प्रचार में जुटे हुए हैं राजनीतिक पार्टियों के नेता अपने शीर्ष नेतृत्व की तारीफ करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। पीलीभीत लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रत्याशी वरुण गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ़ की है उन्होंने कहा कि मेरे परिवार से भी कुछ लोग प्रधानमंत्री रहे हैं, लेकिन जो सम्मान मोदी ने देश को दिलाया है वो सम्मान लंबे समय से किसी ने देश को नहीं दिलाया वरुण गांधी रविवार को पीलीभीत लोकसभा क्षेत्र की विधानसभा बहेड़ी में जनसभा को संबोधित करने पहुंचे थे, जहां पर उन्होंने पीएम मोदी की जमकर तारीफ़ की उन्होंने कहा कि वीपी सिंह भी राजा थे, नरसिम्हा राव भी बड़े आदमी थे, अटल जी सामान्य परिवार से थे, लेकिन उन्होंने इस तरह की गरीबी नहीं देखी कभी वरुण गांधी ने कहा कि मोदी जी तो सामान्य से भी कमजोर परिवार से थे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उनके परिवार से भी कुछ लोग पीएम हुए हैं, लेकिन जो सम्मान देश को मोदी ने दिलाया है वो सम्मान लम्बे समय से किसी ने देश को नहीं दिलाया ।

वरुण गांधी ने शुक्रवार को भी कहा था कि देश को एक लंबे आरसे बाद ऐसा प्रधानमंत्री मिला है, जिसके बारे में छाती चौड़ी करके बोल सकते हैं कि हमारे पास ऐसा प्रधानमंत्री है. पीलीभीत में नामांकन के बाद वरुण गांधी ने कहा कि मोदी के लिए देश के सिपाही की तरह उनका झंडा लेकर खड़ा हूंबीजेपी सांसद ने कहा कि जो काम पीएम मोदी ने पांच साल में किया है, वह अगले पायदान पर जाकर देश के मान सम्मान को और बढ़ाएं देश को पूरी दुनिया में आगे ले जाकर छोड़े. एक लंबे अरसे बाद ऐसा प्रधानमंत्री देश को मिला है, जिसके बारे में छाती चौड़ी करके बोल सकते हैं कि हमारे पास ऐसा प्रधानमंत्री है केंद्र सरकार ने किसानों के लिए काफी काम किया है, लेकिन हमारे लिए सुरक्षा भी एक अहम मुद्दा है विपक्षी पार्टियों के द्वारा राजनीति के स्तर को गिराया जा रहा हैगौरलब है कि वरुण गांधी अभी सुल्तानपुर से सांसद हैं इस बार पार्टी ने उन्हें पीलीभीत से उम्मीदवार बनाया है और पीलीभीत की सांसद और वरुण की मां मेनका गांधी को इस बार सुल्तानपुर से टिकट दिया है । वरुण गांधी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पोते और राजीव गांधी के भतीजे हैं। उनके परिवार के ही जवाहर लाल नेहरू देश के पहले प्रधानमंत्री बने थे।