पीडीपी विधायक बोले, महबूबा उचित समझें तो गिराए सरकार

नई दिल्ली | पीडीपी और भाजपा की गठबंधन सरकार के टूटने का खतरा शनिवार को टल गया। पीडीपी के वरिष्ठ नेता और मंत्री नईम अख्तर ने दावा किया कि दोनों दलों में मतभेद खत्म हो चुके हैं। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की अध्यक्षता में शनिवार को श्रीनगर में उनके आवास पर हुई पीडीपी की कार्यकारिणी की बैठक हंगामेदार रही। पीडीपी के विधायकों ने भाजपा के दो मंत्रियों से इस्तीफे लेने पर मुख्यमंत्री का समर्थन किया व कहा कि अगर वह उचित समझें तो सरकार गिरा सकती हैं। बैठक में पीडीपी विधायकों ने कहा कि अगर वह (महबूबा) भाजपा के मंत्रियों से इस्तीफे नहीं लेतीं तो आज यहां बैठक में अपनी ही पार्टी के विधायकों के इस्तीफे संभाल रहीं होतीं।

बैठक में मौजूद रहे एक नेता ने बताया कि विधायकों ने मुख्यमंत्री से कहा कि अगर नई दिल्ली एजेंडा ऑफ एलांयस को लागू करने में ज्यादा रुचि नहीं दिखाता है तो उन्हें सरकार से बाहर होने में देरी नहीं करनी चाहिए विधायकों ने मुख्यमंत्री को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र की परिस्थितियों से अवगत कराते हुए बताया कि आतंकरोधी अभियानों में नागरिक मौतों का हालात पर प्रतिकूल असर हो रहा है। इससे पीडीपी के प्रति भी लोगों में नाराजगी पैदा हो रही है। इसलिए मुख्यमंत्री को सेना व अर्धसैनिकबलों की कार्रवाई का मुद्दा नई दिल्ली के साथ उठाना चाहिए।