पश्चिम बंगाल में उग्र हुई हिंसा, 3 लोगो की मौत

पश्चिम बंगाल से अलग राज्य की मांग को लेकर दार्जिलिंग  में एक बार फिर हिंसा भड़क गई है। शनिवार को गोरखालैंड समर्थकों ने एक पुलिस चौकी, एक टॉय ट्रेन स्टेशन में आग लगा दी और दो जगहों पर पुलिस को साथ झड़प भी हुई। हिंसा भड़कने के बाद पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने सेना को वापस बुला लिया। आंदोलन करने वाले गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) ने दावा किया कि पुलिस की गोलीबारी में तीन युवकों की मौत हो गई है। इस मामले में वार्ता के लिए सीएम ममता बनर्जी की पेशकश को जीजेएम ने ठुकरा दिया। हालांकि पुलिस ने बताया कि गोलीबारी की उन्हें खबर नहीं है। जीजेएम ने शनिवार को एक बयान में कहा ममता और राज्य सरकार के साथ बातचीत का रास्ता हमेशा के लिए बंद हो चुका है। सोनादा में हिंसा की ताजा घटना होने के बाद दार्जिलिंग हिल्स में फिर से सेना तैनात की गई। खबरों के मुताबिक शुक्रवार की रात कथित पुलिस गोलीबारी में एक युवक के मारे जाने के बाद वहां हिंसा भड़क उठी। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) कार्यकतार्ओं और गोरखा नेशनल लिबरेशन फ्रंट (जीएनएलएफ) की भी सोनादा और चौकबाजार में झड़प हुई। वहीं, इस पर्वतीय क्षेत्र में अनिश्चिचतकालीन बंद 24 वें दिन भी जारी रहा। रक्षा सूत्रों ने बताया कि हिंसा की ताजा घटना के मद्देनजर सोनादा और दार्जिलिंग में करीब 100-100 कर्मियों की सेना की दो टुकडि़यां तैनात की गई है।    जीएनएलएफ प्रवक्ता नीरज जिम्बा ने दावा किया कि सुरक्षा बलों ने पिछली रात सोनादा में दवा खरीदने गए एक युवक की ताशी भुटिया की गोली मार कर हत्या कर दी है। गोलीबारी के बारे में पूछे जाने पर पुलिस महानिरीक्षक जावेद शमीम ने कहा, जांच के बाद हम कुछ पाएंगे। युवक की मौत की खबर फैलते ही गोरखालैंड के सैकड़ों समर्थक सड़कों पर उतर आए और पुलिस ज्यादती के खिलाफ नारेबाजी की। जीजेएम ने कहा कि वह चौकबाजार इलाका और दार्जिलिंग में शव के साथ रैली निकालेगा।  केंद्र सरकार ने पेशकश की है कि इस आंदोलन को खत्म करने के लिए वह जीजेएम और पश्चिम बंगाल सरकार के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने को इच्छुक है। अनिश्चितकालीन बंद से रसद आपूर्ति पूरी तरह से प्रभावित हुआ है। इस बीच जीजेएम और विभिन्न एनजीओ ने लोगों के बीच भोजन बांटा है। दवा दुकानों को छोड़कर सारी दुकानें, स्कूल, कॉलेज बंद रहें। इंटरनेट सेवाएं 21 वें दिन भी बंद रहीं। पुलिस और सुरक्षा बल लगातार सड़कों पर चौकसी के साथ गश्त कर रहे हैं।