Aligarh एनकाउंटर : पंखुरी पाठक बोलीं, ‘मेरी हत्या करना चाहते थे बजरंग दल के लोग, पुलिस मूकदर्शक बनी रही’

लखनऊ । सपा की पूर्व प्रवक्ता पंखुरी पाठक पर अलीगढ़ एनकाउंटर में मारे गए मृतको के परिवार से मिलने अतरौली जाने के दौरान बजरंग दल के लोगों द्वारा हमला किये जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है । मंगलवार को पंखुरी पाठक ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अलीगढ़ पुलिस पर बजरंगियों को शरण देने का आरोप लगाया। मीडिया से बात करते हुए पंखुरी ने कहा कि अलीगढ़ पुलिस उन पर हुए जानलेवा हमले की रिपोर्ट नहीं दर्ज कर रही है. ऐसे में उन्होंने डीजीपी उत्तर प्रदेश से गुहार लगाई है.

#PankhuriPathak अतरौली में बजरंग दल के हमले के बाद लाइव-#Aligarh #Encounter Pankhuri Pathak Pankhuri Pathak

Posted by व्यवस्था दर्पण on Saturday, 6 October 2018

मंगलवार की दोपहर मीडिया से बातचीत में पंखुड़ी पाठक ने बताया कि अलीगढ़ में उन पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने किस तरह हमला किया था. उन्होंने बताया कि गाड़ी पर बुरी तरह पथराव किया गया, गाड़ी के अंदर लोहे की रॉड घुसा दी गई. उन्होंने पीड़ित परिवार की महिलाओं से बातचीत कर वीडियो रिकॉर्डिंग भी तैयार की है. पंखुड़ी ने कहा कि उन्हें आशंका है कि पुलिस के फर्जी एनकाउंटर का शिकार मुस्तकीम के परिवार की महिलाओं के साथ दुष्कर्म भी हुआ है । पंखुरी ने यह भी कहा कि बजरंग दल के गुंडे मेरी हत्या करना चाहते थे, पुलिस ने कोई मदद नही की, पुलिस खड़े होकर मूकदर्शक बनी रही ।

उन्होंने कहा कि यही वजह है कि इस हकीकत को जानने की वजह से उन पर जानलेवा हमला कर मार डालने की कोशिश की गई. पंखुड़ी ने कहा कि अलीगढ़ में वह सुरक्षित नहीं है वहां पर जाकर पुलिस एफआईआर दर्ज कराने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही हैं. सोमवार को उन्होंने हजरतगंज कोतवाली में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने यह कहकर रिपोर्ट नहीं दर्ज की है कि घटनास्थल अलीगढ़ का है।

महिला होने के नाते उनकी एफआईआर किसी भी थाने में दर्ज की जानी चाहिए. इस बारे में अब वह डीजीपी से मिल कर अनुरोध करेंगी कि उनकी एफआईआर दर्ज कराई जाए. अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह कोर्ट जाकर इंसाफ मांगेंगी।