फलस्तीन में बोले पीएम मोदी- ‘यहाँ के लोगों में चट्टान जैसी सहनशीलता’

फलस्तीन | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार दिवसीय देशों फलस्तीन, संयुक्त अरब अमीरात, और ओमान के दौरे पर हैं। मोदी की उपस्थिति में भारत और फलस्तीन के बीच 6 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने जारी संयुक्त बयान में कहा कि हम फलस्तीन की शांति और संप्रभुता के लिए प्रतिबद्ध हैं। मोदी ने शानदार मेहमाननवाजी के लिए फलस्तीन को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, ‘इस यात्रा से दोनों देशों के संबंध और गहरे होंगे। फलस्तीन भी भारत जैसे ही युवाओं का देश है।’

पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘फलस्तीन के लोगों में चट्टान जैसी सहनशीलता है। भारतीय विदेश नीति में फलस्तीन का स्थान हमेशा अहम रहा है। फलस्‍तीन के लोगों ने काफी मुश्किल समय में साहस दिखाया। भारत इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता का पक्षधर है। मोदी ने कहा कि हम द्विपक्षीय स्तर पर अपने संबंधों को और अधिक बढ़ाने के लिए सहमत हुए हैं। आपने मुझे फलस्‍तीन के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा है, इस सम्मान के लिए मैं सवा सौ हिंदुस्तानियों की तरफ आपका आभार व्यक्त करता हूं। हमारी मित्रता और भारत के समर्थन को नवीनता प्रदान करते हुए मुझे खुशी महसूस हो रही है।’

इजरायल के साथ फलस्तीन के रिश्तों पर भी परोक्ष रूप से पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत फलस्तीन के संप्रभु देश बनने की आकांक्षा रखता है। हम इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता का समर्थन करते हैं। हमारा मानना है कि बातचीत और गहन कूटनीति से ही हिंसा के चक्र और इतिहास के बोध से मुक्ति पाई जा सकती है। इससे पहले प्रधानमंत्री के सम्मान में उन्हें रामल्लाह में राष्ट्रपति मुख्यालय के परिसर में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान भारत और फलस्तीन के रिश्तों में पीएम मोदी के योगदान को लेकर राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने उन्हें ‘ग्रैंड कॉलर’ का सम्मान दिया। फिलीस्तीन के रामल्लाह पहुंचकर यहां के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने प्रोटोकॉल तोड़कर उनका स्वागत किया है। यहां पहुंचकर मोदी ने दिवंगत फिलीस्तीनी नेता यासिर अराफात की समाधि पर गए और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मोदी के साथ राष्ट्रपति महमूद भी मौजूद रहे। दुनिया भर में सामरिक रूप से संवेदनशील माने जाने वाले इस देश की यात्रा करने वाले मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं।

फिलीस्तीन के बाद पीएम मोदी अबु धाबी जाएंगे। यहां रविवार को वह भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। साथ ही अबु धाबी में बने पहले मंदिर का उद्घाटन करेंगे। 11 फरवरी को सुबह लगभग 9:30 बजे जब प्रधानमंत्री प्रवासी भारतीयों को संबोधित कर रहे होंगे तब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अबू धाबी के पहले मंदिर का शिला पूजन होगा। इस मंदिर के निर्माण की जिम्मेदारी स्वामीनारायण ट्रस्ट को दी गई है। इससे पहले पीएम मोदी ने जॉर्डन पहुंचे। इस दौरान मोदी ने जॉर्डन के शासक किंग अब्दुल्ला द्वितीय से मुलाकात की और कहा कि इससे भारत-जॉर्डन के संबंधों को बढ़ावा मिलेगा। किंग के साथ मुलाकात के बाद मोदी ने ट्वीट कर जानकारी दी कि जॉर्डन के शासक किंग अब्दुल्ला द्वितीय के साथ एक शानदार बैठक हुई। हमारी आज की चर्चा भारत और जॉर्डन के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देगी। बैठक के दौरान मोदी ने किंग से कहा कि वह उम्मीद करते हैं इस महीने के अंत तक आप भारत की यात्रा करेंगे। वहीं किंग ने इस मुलाकात को द्विपक्षीय संबंधों की दिशा में एक नया अध्याय बताया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मोदी ने फलस्तीन यात्रा के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किंग का आभार प्रकट किया।

इसके साथ ही कुमार किंग को गले लगाते हुए मोदी की एक फोटो भी पोस्ट की। इस पोस्ट में कुमार ने लिखा कि दोस्तों का एक-दूसरे को गर्मजोशी से गले लगाना हमारे रिश्ते को दिखाता है। आपको बता दें कि मोदी के दौरे से ठीक पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सऊदी अरब का दौरा किया। सऊदी अरब, भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक सहयोगी है। सऊदी अरब, भारत को सबसे अधिक कच्चे तेल की आपूर्ति करता है। कच्चे तेल के सालाना आयात का 20 फीसदी सऊदी अरब से आता है।