अलीगढ़ में भी शाहीन बाग, शाहजमाल ईदगाह पर लगा धरना, जुटने लगी महिलाओं की भीड़

अलीगढ़ । नागरिकता संशोधन कानून ( #CAA ), #NRC , #NPR  के विरोध में दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर शाहजमाल के ईदगाह में भी धरना शुरू हो गया है। धरने में महिलाएं भी शामिल हुईं। धरनास्थल पर तीन वक्त की महिला और पुरुषों ने नमाज भी पढ़ी। बुधवार सुबह 11 बजे फिर धरना शुरू हुआ  और लगातार लोगों का धरना जारी है । प्रशासन से धरने के अनुमति शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद ने ली है। वहीं, ईदगाह के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे।

मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे धरनास्थल पर पहुंचे शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने धरने में शामिल लोगों के साथ दुआ की कि जिस मकसद से वह यहां इकट्ठा हुए हैं, उसमें कामयाबी मिले। उन्होंने कहा कि प्रशासन से 21 व 22 जनवरी तक सुबह 11 बजे से रात 7 बजे तक धरना देने के लिए अनुमति मांगी है। शहर मुफ्ती ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से लोग धरना दे रहे हैं। जनार्दन अनुरागी व प्रदीप एडवोकेट ने धरने को समर्थन देते हुए कहा कि सीएए, एनआरसी केवल मुसलमानों के लिए नहीं, बल्कि ओबीसी व एससी, एसटी के लोगों के लिए भी नुकसानदेह है। शहाना सहित आदि ने भी विचार व्यक्त किए।

धरना स्थल पर पुरुषों व महिलाओं ने जोहर, अस्र व मगरिब की नमाज पढ़ी। निर्धारित वक्त यानी रात 7 बजे से पहले धरना खत्म हो गया। बुधवार को सुबह 11 बजे से धरना फिर शुरू होगा। इस अवसर पर ईदगाह कमेटी के सदर हाजी सिराजुद्दीन, मौलाना इरफान, हाजी इमलाक, अब्दुल हफीज अंसारी, परवेज अंसारी, जावेद, शाहनवाज एडवोकेट, गुलजार अहमद, मोहम्मद अजहर उद्दीन, मुईन कुरैशी, मुबीन कुरैशी, मोहम्मद आसिफ आदि मौजूद रहे।

ईदगाह में जुटीं महिलाएं-
ईदगाह में ईद व बकरीद की नमाज के बाद पहली बार लोगों की भीड़ दिखी। ईदगाह के इतिहास में पहली बार महिलाएं व पुरुषों की भीड़ एक साथ ईदगाह में नजर आई।